अनशन पर बैठे फूलन सेना के सदस्य एवं राष्ट्रीय अध्यक्ष गोपाल निषाद।
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मंगलवार को सीएम योगी आदित्यनाथ के प्रतीकात्मक शव यात्रा के दौरान पुलिस से झड़प के बाद बुधवार को धरने पर बैठे फूलन सेना के कार्यकर्ताओं को जिला प्रशासन ने जबरिया हटा दिया। पुलिस फूलन सेना के प्रांतीय अध्यक्ष साहनी विरेंद्र निषाद द्वारा आत्मदाह की चेतावनी पर पुलिस उनकी तलाश में कई जगहों पर दबिश देती रही।
नौ दिनों से कलेक्ट्रेट स्थित धरनास्थल पर हत्या, अतिक्रमण सहित कई मांगों को लेकर फूलन सेना का बेमियादी अनशन चल रहा था। मंगलवार को फूलन सेना ने प्रदेश अध्यक्ष साहनी विरेंद्र निषाद के नेतृत्व में सीएम योगी की प्रतीकात्मक शवयात्रा निकाली थी। बुधवार को जिला प्रशासन ने कार्यकर्ताओं से वार्ता कर धरना समाप्त करने को कहा। इस पर कार्यकर्ताओं ने राष्ट्रीय अध्यक्ष गोपाल निषाद के आने के बाद ही धरना समाप्त करने की बात कही और धरने पर बैठ गए। बाद में मौके पर पहुंचे एडीएम मनोज सिंघल ने धरनारत लोगों को जबरिया उठा दिया।
लेकिन जैसे ही फूलन सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौके पहुंचे कार्यकर्ता फिर धरने पर बैठ गए। गोपाल निषाद ने आरोप लगाया कि मंगलवार की रात में पुलिस ने साहनी विरेंद्र निषाद को गिरफ्तार कर लिया था। दूसरे दिन धरनास्थल पर बैठे फूलन सेना के सदस्यों को प्रशासन ने जबरिया उठवा दिया। राजेश बिंद, जवाहर निषाद, जयप्रकाश साहनी, सुग्रीव, हीरालाल, स्वामीनाथ, चंद्रमा, पारस, ईश्वरदेव, सत्यनारायण, लालमुनि आदि लोग मौजूद रहे।