बलिया। भारतीय जनता पार्टी का पं. दीनदयाल उपाध्याय प्रशिक्षण महाअभियान चल रहा है। दो दिवसीय जिला स्तरीय प्रशिक्षण शिविर के दूसरे दिन बृहस्पतिवार को विभिन्न सत्रों में गहन मंथन हुआ।
शिविर के दौरान मुख्य वक्ताओं ने पार्टी की वैचारिक पृष्ठभूमि, मीडिया प्रबंधन, सोशल मीडिया, एआई और जन कल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन पर कार्यकर्ताओं का विस्तृत मार्गदर्शन किया।शिविर के अंतिम भाजपा के प्रदेश महामंत्री एवं एमएलसी अनूप गुप्ता ने संगठन की कार्यपद्धति पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी महज एक राजनीतिक दल नहीं, बल्कि राष्ट्र सेवा के संकल्प के साथ कार्य करने वाला एक जीवंत संगठन है। इस संगठन की सफलता का आधार बूथ स्तर तक सक्रिय और समर्पित रहने वाले कार्यकर्ता हैं।
भाजपा का प्रत्येक कार्यकर्ता पार्टी की विचारधारा का वाहक है, इसलिए समाज में सकारात्मक वातावरण का निर्माण करना सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। प्रदेश प्रवक्ता आनंद दूबे ने मीडिया प्रबंधन के महत्व को समझाते हुए प्रभावी प्रस्तुति को संगठन की मजबूती का जरिया बताया। वहीं, सौरभ ने सोशल मीडिया और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के बढ़ते प्रभाव पर चर्चा करते हुए इसके प्रभावी उपयोग की तकनीकी कड़ियां सिखाईं। साकेत सिंह सोनू और डॉ. धर्मेंद्र सिंह ने संगठनात्मक कार्यों में अनुशासन, समन्वय और व्यवहार कुशलता की आवश्यकता पर व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया।
गोरखपुर के पूर्व जिलाध्यक्ष अशोक सिंह ने भाजपा के स्वर्णिम इतिहास, वैचारिक पृष्ठभूमि और संघर्षों से कार्यकर्ताओं को रूबरू कराया। प्रदेश सरकार के मंत्री दयाशंकर सिंह ने सरकारी योजनाओं में संगठन की भूमिका पर चर्चा की। कहा कि सरकार की योजनाओं को समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति तक पहुंचाने की मुख्य जिम्मेदारी कार्यकर्ताओं की ही है। देवरिया के विधायक शलभ मणि त्रिपाठी ने देश के समक्ष वर्तमान चुनौतियों और नैरेटिव के विषय पर विचार रखे। हरिचरण कुशवाहा ने विचार परिवार के विस्तार और संगठन की वैचारिक एकजुटता पर बल दिया।
अध्यक्षता भाजपा जिलाध्यक्ष संजय मिश्रा ने की। राज्यसभा सांसद नीरज शेखर, एमएलसी रविशंकर सिंह पप्पू, पूर्व मंत्री उपेन्द्र तिवारी, पूर्व मंत्री आनन्द स्वरूप शुक्ला, पूर्व मंत्री नारद राय, संजय यादव, पूर्व विधायक सुरेन्द्र सिंह, विनोद शंकर दूबे, वाल्मीकि त्रिपाठी, सुनीता श्रीवास्तव, शेषनाथ आचार्य, छट्ठू राम, जय प्रकाश साहू, विजय बहादुर सिंह, अमरजीत सिंह और संतलाल गुप्ता रहे।