रोडवेज परिसर में थर्मल स्क्रीनिंग के लिए खड़े कई जनपदों से आए प्रवासी श्रमिक।
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बलिया। सरकार के लाख प्रयास के बाद भी गैरप्रांतों से श्रमिकों का पलायन थमने का नाम नहीं ले रहा है। शासन की ट्रेन से गृह जनपद भेजने की कवायद किसी ठोस मुकाम तक नहीं पहुंच रही। भोजन व पानी बिन तड़प रहे मजदूर पैदल व अन्य मालवाहक साधनों से घर पहुंच रहे हैं। ऐसा ही वाकया शुक्रवार को नगर में देखने को मिला। जो ट्रक से भारी भरकम किराया अदा कर महाराष्ट्र से तीन दिन में बलिया पहुंचे।
महाराष्ट्र प्रांत के मुम्बई से 38 मजदूर शुक्रवार को डेढ लाख किराया अदा कर ट्रक से गृह जनपद पहुंचे। रास्ते में दो रात बितानी पड़ी। किसी तरह से राह में भोजन का इंतजाम किए और रात को ट्रक पर ही सोये। महाराष्ट्र से परेशानी झेलते हुए बलिया पहुंचे तो ट्रक चालक ने दगा दे दिया। वह स्टेशन से आगे बढने को तैयार ही नहीं था। जबकि श्रमिकों को बलिया के बैरिया तक जाना था। आगे जाने को लेकर श्रमिकों व ट्रक चालक में काफी विवाद हुआ। आस-पास के लोग भी मौके पर जुट गए। दोनों तरफ से वाद विवाद का दौर काफी समय तक चलता रहा। हालांकि समझाने-बुझाने के बाद चालक किसी तरह आगे बढने को तैयार हुआ। आखिरकार ट्रक चालक की मदद से महाराष्ट्र के मुम्बई से आये श्रमिक अपने घर बैरिया पहुंचे।