इस दौरान जनरेटर भी चालू नहीं किया जा सका क्योंकि तेल नहीं था। जबकि अस्पताल में 300 एलपीएम का ऑक्सीजन प्लांट व 20 कंसट्रेटर मशीन उपलब्ध कराई गई है। मरीज की हालत गंभीर देख चिकित्सक ने जिला अस्पताल को रेफर कर दिया। उदित पाठक ने फोन कर 108 एंबुलेंस को बुलाया।
एंबुलेंस में मां को सुलाने के बाद ऑक्सीजन लगाने के दौरान मौत हो गई। उदित पाठक ने ऑक्सीजन के अभाव में मां की मौत होने का आरोप लगाया। कहा कि डीजल के अभाव में जनरेटर तक चालू नहीं हो सका।
जनरेटर के डीजल को नहीं मिलता धन : सीएचसी अधीक्षक डॉ. राजेश कुमार ने कहा कि जनरेटर चलाने के लिए विभाग से डीजल का खर्च नहीं मिलता है। पैसा की मांग को लेकर सीएमओ को कई बार पत्र दिया गया है। रोगी कल्याण के मद में आने वाले धन से डीजल खरीद कर ओपीडी व इमरजेंसी में जनरेटर चलाया जाता है। महिला मरीज की हालत गंभीर देख इमरजेंसी में तैनात डॉक्टर काजिम अली रेफर कर रहे थे, किंतु परिजन उन्हें ले जाना नहीं चाह रहे थे।