इंदरपुर। पुलिस से न्याय न मिलने पर नगरा थाना क्षेत्र के नरहीं गांव की महिला ने अदालत की शरण ली। विशेष न्यायाधीश एससी-एसटी एक्ट की अदालत के आदेश पर नगरा पुलिस ने पांच आरोपियों के खिलाफ एससी-एसटी एक्ट समेत गंभीर धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की है।
थानाध्यक्ष संजय मिश्र ने बताया कि नरहीं निवासी सुशीला देवी (48) पत्नी सुनील कन्नौजिया ने न्यायालय में प्रार्थना पत्र दिया था। इसमें गांव के ही विद्यासागर सिंह (40), विशाल सिंह (32), राहुल सिंह (30), ओमप्रकाश सिंह (58) और आनंद सिंह (55) को आरोपी बनाया । आरोप है कि 28 अप्रैल की सुबह पति सुनील कन्नौजिया पुश्तैनी मकान के बाहर कपड़ा प्रेस कर रहे थे। आरोपी दरवाजे पर पहुंचकर गाली-गलौज करने लगे। विरोध करने पर आरोपियों ने जातिसूचक शब्दों का प्रयोग करते हुए पति से मारपीट की। पति को बचाने मैं पहुंची तो मुझसे भी मारपीट की गई। सुशीला देवी के मुताबिक, इससे पहले 24 और 26 मार्च को भी आरोपियों ने धमकी दी थी। इस मामले में नगरा थाने में 24 अप्रैल को प्राथमिकी दर्ज कराई गई थी। आरोप है कि 28 अप्रैल की घटना की सूचना थाने पर देने के बावजूद पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज नहीं की। विशेष न्यायाधीश एससी-एसटी एक्ट की अदालत के आदेश के बाद नगरा पुलिस ने पांचों आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी है।