सांसद ने बताया कि तीनों जिले के जो गांव चयनित होंगे वहां विकसित खेती, आर्गेनिक खेती, सिंचाई, शिक्षा, चिकित्सा, सड़क, बिजली, पेयजल, सुरक्षा और सबके लिए रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने का प्रावधान है। कहा कि बिना आत्मनिर्भर गांव के आत्मनिर्भर देश की कल्पना नहीं की जा सकती। इसी क्रम में पहले इन जनपदों के 75-75 गांवों को पूरी तरह से आत्मनिर्भर बनाने की योजना है।
इसकी सफलता के बाद उन तीनों जनपदों के सभी गांवों को पूरी तरह से आत्मनिर्भर बनाने के प्रयास किए जाएंगे। सांसद ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृहमंत्री अमित शाह, राज्यसभा के सभापति वेंकैया नायडू, लोकसभा के अध्यक्ष ओम बिड़ला, राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश ने प्रस्ताव के प्रति विशेष रुचि दिखाई है।