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आंधी-पानी के साथ पड़े ओले

Wed, 11 Apr 2018 11:07 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो /बलिया
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नगर में बारिश के दौरान भीगते हुए जाते राहगीर।
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बुधवार को जिलेभर में आंधी, पानी के साथ ही जहां-तहां ओले भी पड़े। इसके चलते मौसम में बदलाव हुआ और लोगों को गर्मी से राहत तो मिली। लेकिन खेतीबाड़ी का व्यापक पैमाने पर नुकसान हुआ। किसानों के लिए यह बारिश मुसीबत से कम नहीं रही। आंधी पानी व ओले से खेतों से बोझ उड़ने व खलिहानों में बोझ भीगने के साथ ही आम के बौर भी पेड़ से गिर गए।           
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पिछले कई दिनों से मौसम में बदलाव दिख रहा था और कभी तेज तो कभी हल्की हवा के साथ जहां-तहां बूंदाबांदी भी हो रही थी। करीब 10 दिनों पहले कई इलाकों में बारिश होने के कारण फसलों का काफी नुकसान हुआ था। इसके बाद से लगातार मौसम करवट लेता रहा और बुधवार को दोपहर करीब सवा तीन बजे अचानक धूल भरी तेज आंधी के साथ तेज बारिश भी हुई। कई इलाकों में तेज बारिश के साथ ओले भी पड़े। अनुमान है कि आंधी-पानी व ओले के चलते खासकर खेतीबाड़ी का काफी नुकसान हुआ है। किसानों का कहना है कि चैत्र के महीने में एक ओर जहां खेतों में रबी के फसलों की कटाई होती है वहीं दूसरी ओर खलिहानों में फसलों की मड़ाई भी होती है। बुधवार को आई आंधी के चलते खेतों में रखे बोझ हवा में उड़कर बिखर गए, वहीं तेज बारिश के चलते खलिहानों में रखे फसलों के बोझ भंग जाने से मड़ाई का काम भी ठप हो गया। जहां-तहां पड़े ओले के चलते पके फसलों की बालियां तहस-नहस हो गईं।
इसके अलावा इस समय आम आदि के पेड़ों पर बौर भी लगे थे जो तेज आंधी व बारिश के कारण पेड़ों से गिर गए। तेज बारिश के चलते शहर में कई मार्गों पर जलजमाव होने से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
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भरौली संवाददाता के अनुसार, दोपहर बाद आई आंधी-पानी के साथ ओले भी पड़े। तेज आंधी के चलते खेतों व खलिहान में रखे बोझ उड़ कर दूर जा गिरे। इसके अलावा क्षेत्र में एक दर्जन से अधिक स्थानों पर कहीं पेड़ तो कहीं पेड़ों की टहनियां टूट कर गिर गईं। कई घरों व दुकानों के टीन शेड उड़ गए।       
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