बलिया। मुंबई, अहमदाबाद, दिल्ली सहित अन्य महानगरों को जाने के लिए लोग तत्काल टिकट के लिए रतजगा कर रहे हैं। इसके बाद भी उन्हें टिकट नहीं मिल पा रहा है। लोगों को 10-12 घंटे तक लाइन में लगना पड़ रहा।
रोजगार के लिए गैर प्रांत जाने वाले लोग परेशान हैं। तत्काल टिकट के लिए सारे काम छोड़कर लोग स्टेशन पर डेरा जमाए हैं। इसके बावजूद टिकट काउंटर खुलते ही पता चलता है कि बुकिंग फुल हो चुकी है। अगले दिन मिलने की आस में इंतजार कर रहे हैं, उसके बावजूद फायदा नहीं मिल रहा है। रेलवे स्टेशन पर तत्काल टिकट खिड़की सुबह 11 बजे खुलती है।
नंबर आगे रहे, इसके लिए लोग सर्द रात में ही लाइन में लग जाते हैं। सुबह बिना बुकिंग शुरू हुए टिकट काउंटर खुलते ही जब नंबर आता है तो पता चलता है कि टिकट नहीं है।
लंबी लाइन होने के बावजूद सिर्फ एक व्यक्ति का किसी तरह होता है। तत्काल टिकट लेने के लिए दलाल हाबी है। कई दिन लाइन में लगे रहने के बावजूद पुलिस की मिलीभगत से उनका नंबर एक दो पर रहता है। तत्काल टिकट के लिए लिए भारी भीड़ चल रही है। जिन लोगों को मुंबई, सूरत, उड़ीसा, दिल्ली, लुधियाना, हरियाणा और अहमदाबाद जाना है, वे कंफर्म टिकट के लिए परेशान हैं।
काउंटर के बाहर सिकंदरपुर के लिलकर निवासी संतोष कुमार बैठे थे। उन्होंने बताया कि मैं दो नंबर पर हूं। एक नंबर वाले का पता नहीं है। छठ पर घर आया था। वापस गुजरात जाना है। एक सप्ताह से टिकट के लिए परेशान हूं। काउंटर पर पहले मेरा नंबर था। कुछ लोगों ने जबरन मुझे पीछे ढकेल दिया और अपने किसी व्यक्ति को आगे खड़ा कर दिया।
बांसडीह के साहोडीह निवासी मरोज राजभर ने कहा कि दलाल पांच सौ रुपये एक्सट्रा देने पर कन्फर्म टिकट की लाइन में एक नंबर की जगह दे कर तत्काल कंफर्म टिकट मिलने का भरोसा जता रहे हैं। दुबहर निवासी विपलेश कुमार ने बताया कि दिल्ली जाने के लिए शाम से तत्काल टिकट के लिए लाइन में लगा था।
तीसरे नंबर पर हूं। ठंड भी लग गई है। कोई फायदा नहीं मिला है। गाजीपुर के लठ्ठूडीह निवासी कमलेश कुमार ने बताया कि दिल्ली जाने के लिए स्पेशल ट्रेन में टिकट तीन दिन बाद का मिल रहा है। लेकिन लेट संचालन होने से सद्भावना एक्सप्रेस में खोज रहा हूं, वेटिंग 26 है।