बलिया। जिला अस्पताल में इन दिनों वायरल फीवर के मरीजों में 10 से 15 फीसदी का इजाफा हुआ है। सर्दी, खांसी, बुखार, शरीर दर्द एवं संक्रमित रोगों के मरीजों की संख्या में काफी तेजी से बढ़ी है। कुछ दिनों पहले तक 800 से 900 तक की होने वाली ओपीडी इस समय बढ़कर प्रतिदिन 1200 से 1500 हो गई है। हालांकि जिला अस्पताल प्रशासन का दावा है कि एक-दो को छोड़ अधिकांश इंजेक्शन और दवा अस्पताल में उपलब्ध है।
वर्तमान में सर्दी, खांसी, बुखार, शरीर दर्द, डायरिया, टायफाइड, मलेरिया, चर्म रोग जैसे संक्रमित रोगों के मरीजों की संख्या 10 से 15 फीसदी बढ़ गई हैं। ओपीडी के आंकड़ों पर गौर करे तो सिर्फ वायरल के 10 से 15 फीसदी मरीजों की संख्या वृद्घि हुई है। वर्तमान में प्रतिदिन 40 से 50 प्रतिशत मरीज वायरल फीवर, सर्दी, जुकाम, मलेरिया, टाइफायड और पीलिया के जांच में पाए जा रहे हैं। कुछ दिनों पहले तक जिला अस्पताल की ओपीडी प्रतिदिन 800 से 900 मरीजों तक हो रही थी। अब ये बढ़कर 1200 से 1500 प्रतिदिन पहुंच गई है। जिला अस्पताल में तैनात वरिष्ठ फिजीशियन डाक्टर मनोज कुमार ने बताया कि कोरोना काल में मरीजों की संख्या काफी कम थी। वर्तमान में प्रतिदिन ओपीडी में मरीजों की संख्या 100 से 125 के लगभग रह रही है। इन दिनों मरीजों की 10 से 15 फीसदी बढ़ गई है।
50 फीसदी वायरल फीवर और सर्दी के मरीज
बलिया। जिला अस्पताल में तैनात बालरोग विशेषज्ञ डा. विनेश कुमार ने बताया कि इन दिनों बच्चों में वायरल फीवर, सर्दी, बुखार, डायरिया के मरीजों की संख्या काफी बढ़ गई है। वर्तमान में 50 प्रतिशत सर्दी व वायरल फीवर के मरीज आ रहे हैं। इनके लिए अस्पताल में दवाइयां उपलब्ध है। इस समय बारिश में भींगने से बचना चाहिए। अपने आसपास गंदा पानी एकत्र न होने दें। ठंडे पानी और खाद्य पर्दार्थों से परहेज करें। जुकाम, खांसी की स्थिति में गरारे करने से और भाप लेने से बहुत अधिक आराम मिलता है। गर्म पानी में नमक डालकर उसके गरारे करें। नाक बंद होने भाप लें। भाप नाक और मुंह दोनों से लें। इससे आपको जुकाम और बंद नाक के साथ ही गले के दर्द और सिरदर्द से भी राहत मिलेगी।
अस्पताल में दवा और इंजेक्शन प्रचुर मात्रा में उपलब्ध है। कोई दिक्कत नहीं है। मरीजों को बचाव के सलाह भी दिए जा रहे हैं। - डा. बीपी सिंह, सीएमएस