सरयू का जलस्तर खतरे के निशान से 12 सेंटीमीटर ऊपर पहुंचने के बाद अब गांव पानी से घिरने लगे हैं। केंद्रीय जल आयोग के अनुसार शनिवार की शाम जल स्तर 64.130 मी. पर स्थिर हो गया। जबकि लाल निशान 64.010 है। पिछले 24 घंटे से जलस्तर में स्थिरता बनी हुई है।
खतरे का निशान पार करने वाली सरयू नदी के तेवर तल्ख हो गए हैं। तुर्तीपार ग्राम तीन तरफ से बाढ़ के पानी से घिर गया है। जलस्तर में वृद्धि से शवदाह स्थल भी पानी में डूब गया है। जिससे अंतिम संस्कार करने गए लोगों को परेशानी का परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
तुर्तीपार के त्यागी बाबा की कुटी के सामने से ग्राम की ओर जाने वाला मार्ग पानी में डूब गया है। चैनपुर गुलौरा के यादव बस्ती और साहनी बस्ती से टकराकर नदी का पानी बह रहा है। नदी का पानी रिहायशी क्षेत्रों की ओर बढ़ने लगा है।
जलस्तर में वृद्धि से तटवर्ती हाहानाला, चैनपुर गुलौरा, टंगुनिया, मठिया, खैराखास, मधुबनी, तुर्तीपार, मुजौना, बेल्थरा बाजार, सहिया, सोनबरसा, हल्दीरामपुर के लोग बाढ़ की आशंका को लेकर सहम गए हैं। उप जिलाधिकारी अशोक चौधरी ने तटवर्ती क्षेत्रों का दौरा कर स्थिति का जायजा लिया।
उन्होंने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का हाल देखा तथा मातहतों को आवश्यक दिशा निर्देश दिया। एसडीएम ने कहा कि बाढ़ को लेकर प्रशासन अलर्ट है। तटवर्ती क्षेत्रों में बाढ़ चौकियां स्थापित कर नदी की प्रकृति की निगरानी की जा रही है। संभावित बाढ़ के खतरे से निपटने के लिए प्रशासनिक तैयारी पूरी कर ली गई है।
आजमगढ़ के मुहम्मदपुर विकास खंड के रामपुर आंदोई गांव में मंगई नदी पर बना पुल नदी का जलस्तर बढ़ने से पूरी तरह से डूब गया है। इसके कारण दर्जनों गांव का बिंद्राबाजार से संपर्क कट गया है। यह पुल हर बार बरसात के मौसम में नदी में पानी बढ़ने से डूब जाता है लेकिन आज तक पुल को ऊंचा करने का उपाय नहीं किया गया है।
ग्राम पंचायत रामपुर आंदोई के बीच मंगई नदी है। जिस पर सपा शाशन काल में 2006 में पुल बनाया गया है। जिसकी वजह से ग्राम पंचायत के वजीरमलपुर व रामपुर आंदोई दोनों गांव जुड़कर एक ग्राम पंचायत बनते हैं।
इस पुल से होकर खरहटी, जमालपुर, मदारपुर, मंगरावां रायपुर, गौरी, बिंद्रा बाजार, सुरजनपुर, रानीपुर रजमो, मुहम्मदपुर, लहबरिया, बहोरापुर, मखदुमपुर आदि गांव मुख्य मार्ग से जुड़ते हैं। बिंद्रा बाजार से इस पुल के जरिए रामपुर आंदोई पहुंचने में पांच से छह किमी की दूरी तय करनी पड़ती है। लेकिन इस पुल के डूब जाने के बाद अब लोगों को 14 किमी की दूरी तय करनी पड़ रही है।
उधर, विगत कई दिनों तक देवारावासियों को दहलाने के बाद शनिवार से घाघरा नदी के जलस्तर में शुरू हुआ घटाव रविवार को भी जारी रहा। रविवार को बदरहुंआ नाले पर तीन सेमी और डिघिया नाले पर एक सेमी का घटाव का दर्ज किया गया। लेकिन अभी भी नदी का जलस्तर दोनों गेजों पर खतरा बिंदू से ऊपर बना हुआ है।
सगड़ी तहसील के देवरांचल से होकर गुजरने वाली घाघरा नदी के जलस्तर में शनिवार से शुरू हुआ घटोत्तरी का क्रम रविवार को भी जारी रहा। शनिवार को घाघरा का जलस्तर बदरहुंआ गेज पर 71.83 मीटर दर्ज किया था जो रविवार को तीन सेमी घटकर 71.80 मीटर हो गया जो खतरा बिंदू 71.68 मीटर से 12 सेमी ऊपर है।
वहीं डिघिया नाले पर नदी का जलस्तर शनिवार को 70.95 मीटर था जो रविवार को एक सेमी घटकर 70.94 मीटर हो गया। यहां पर नदी खतरा बिंदू 70.40 मीटर से 54 सेमी ऊपर है। बांका गांव के पुलिया पर डेढ़ फीट पानी जमा होने से किसानों को परेशानी का सामना करना पड़ा है।