पीड़िता के ससुर कृष्ण कान्त गुप्ता ने बताया कि एक वर्ष पहले भी मेरी बड़ी बहू नेहा(26) पत्नी विपिन गुप्ता को भी यहीं लाया गया था और उस समय भी एएनएम यही थी। उस समय भी जच्चा-बच्चा स्वस्थ रहते हुए भी इनकी लापरवाही से बच्चा मृत पैदा हुआ था और इस बार भी स्वस्थ होने के बावजूद मृत बताया गया।
सूचना पर पहुंचे थानाध्यक्ष हल्दी सत्येन्द्र कुमार राय ने हंगामा कर रहे लोगों को थाना भेजवाया। बताया कि दरवाजे में लगा शीशा पहले से क्रेक था वही हंगामे के दौरान टूटा है। मामले की जांच की जा रही है, कार्रवाई की जाएगी।