संविदाकर्मियों के हड़ताल के चलते बंद पड़ा बड़ागांव स्थित आरोग्य मंदिर।संवाद
बलिया। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) के संविदाकर्मियों के कार्य बहिष्कार से जिले की स्वास्थ्य व्यवस्था चरमरा गई है। जिला अस्पताल में नियमित आठ नर्सों के जिम्मे छह वार्डों की व्यवस्था है। ऐसे में एक नर्स को दो-दो वार्डों की जिम्मेदारी संभालनी पड़ रही है।
इमरजेंसी सेवाओं को छोड़कर अन्य जगहों पर संवीदा कर्मचारी सीएमओ कार्यालय पर धरना दे रहे हैं। इससे स्वास्थ्य सेवाओं पर दबाव बढ़ गया है। उधर, उच्चाधिकारियों ने अस्पताल और स्वास्थ्य केंद्रों के प्रभारियों से हड़ताल में शामिल कर्मचारियों की सूची मांगी है। इस कदम से आंदोलित कर्मचारियों में नाराजगी है।
एनएचएम संविदा कर्मचारी संघ के आह्वान पर कर्मचारी आठ से 10 अक्तूबर तक तीन दिवसीय कार्य बहिष्कार कर रहे हैं। मांगों पर समाधान नहीं होने पर 12 अक्तूबर से लखनऊ में अनिश्चितकालीन हड़ताल की तैयारी है।
जिले में एनएचएम के तहत आरबीएसके के 48, आयुष के 47 चिकित्सक, 210 एएनएम और 210 सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी (सीएचओ) समेत विभिन्न पदों पर करीब 1,100 संविदाकर्मी तैनात हैं। ये ग्रामीण स्वास्थ्य सेवाओं, मातृ-शिशु स्वास्थ्य, टीकाकरण और राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों के संचालन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इनके कार्य बहिष्कार से नियमित कर्मचारियों पर अतिरिक्त जिम्मेदारी आ गई है।
उच्चाधिकारियों ने अस्पताल और स्वास्थ्य केंद्र प्रभारियों से अनुपस्थित संविदा कर्मियों की सूची मांगी है। इसे लेकर आंदोलनरत कर्मचारियों में नाराजगी है। संविदाकर्मी नियमितीकरण, समान कार्य के लिए समान वेतन और अन्य सेवा सुविधाओं की मांग कर रहे हैं।