फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

गर्भवती और शिशुओं के इलाज के लिए करें 102 नंबर एंबुलेंस का प्रयोग

विज्ञापन
विज्ञापन
बलिया। जननी शिशु सुरक्षा कार्यक्रम व जननी सुरक्षा योजना के तहत गर्भवती महिलाओं के लिए सभी स्वास्थ्य सेवाएं पूरी तरह नि:शुल्क हैं। गर्भवती महिलाओं, प्रसूता एवं एक वर्ष तक के बीमार शिशुओं को घर से अस्पताल, अस्पताल से घर के अलावा उच्च अस्पतालों में रेफर करने जैसी सभी स्थितियों के लिए 102 एम्बुलेंस सेवा बिल्कुल नि:शुल्क है।
विज्ञापन

प्रसव के लिए अस्पताल आई सभी गर्भवती महिलाओं के लिए भर्ती रहने तक नाश्ता एवं दो समय के भोजन की व्यवस्था नि:शुल्क है। इसके अलावा योजना के तहत पंजीकृत गर्भवती को गर्भावस्था से लेकर प्रसव के दौरान या प्रसव के बाद में जरूरत पड़ने पर नि:शुल्क ब्लड की व्यवस्था का प्रावधान है। गृह आधारित शिशु की देखभाल कार्यक्रम (एचबीएनसी) के तहत आशा कार्यकर्ताओं द्वारा प्रसव उपरांत मां-बच्चे की स्वास्थ्य देखभाल के लिए नियमित फॉलोअप किया जाता है। यह जानकारी मुख्य चिकित्सा अधीक्षिका डॉ. सुमिता सिन्हा ने दी।
उन्होंने बताया क़ी गर्भावस्था के दौरान महिलाओं को सबसे ज्यादा देखभाल और सावधानी की जरूरत होती है। इस दौरान उनके खानपान और जिस तरह की जीवनशैली का पालन करती हैं, उसका सीधा असर उसकी गर्भावस्था और पेट में पल रहे शिशु पर पड़ता है। उनका कहना है कि कोविड-19 ने हर व्यक्ति के जीने का तरीका पूरी तरह से बदल दिया है। गर्भवती महिलाओं को इसका खतरा अधिक रहता है, ऐसे में मास्क, सोशल डिस्टेंसिंग, बार बार साबुन से हाथों को धोना, इस वायरस से बचने का सबसे कारगर तरीका है। बताया कि भोजन में मौसमी फल, हरी सब्जी खासकर पत्तेदार, दूध, दही, गुड़ चना, दलिया व पोषाहार को अपने दैनिक भोजन में शामिल करें।
विज्ञापन
विज्ञापन

----------
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें