बुधवार को बीआरसी प्रांगण में शिक्षा उन्नयन गोष्ठी एवं शिक्षक सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। इसमें वक्ताओं ने शिक्षकों को बेहतर शिक्षा प्रदान करने के लिए प्रेरित किया। कहा कि गांवों के छात्र भी अब परिषदीय विद्यालयों में अंग्रेजी माध्यम से पढ़ सकेंगे। इसके लिए शिक्षकों और अभिभावकों को मिलकर संयुक्त प्रयास करने की जरूरत होगी। चौधरी ने कहा कि शिक्षा से ही देश और समाज का उत्थान संभव है।
इस दौरान काबीना मंत्री ने छह नये प्राथमिक और माध्यमिक विद्यालयों का उद्घाटन किया। कहा कि अनुदेशकों को भी मुख्यधारा में लाने के लिए प्रदेश सरकार प्रयासरत है। इस दौरान मंत्री ने कहा कि प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालयों में योग्य शिक्षक होने के बावजूद ज्यादातर अभिभावक अपने बच्चों को कान्वेंट स्कूलों में पढ़ाना चाहते हैं। ऐसा क्यों हो रहा है इसपर हम सभी को विचार करना होगा।
ज्यादातर परिषदीय स्कूलों में छात्रों की कमी है। अगर शिक्षक ईमानदारी से अपना कर्तव्य निभाएं तो बेसिक शिक्षा की सूरत बदल जाएगी और वे अपने पुराने गौरव को पा सकेंगे। कार्यक्रम का शुभारंभ बतौर मुख्य अतिथि सूबे के बेसिक शिक्षामंत्री रामगोविंद चौधरी मां सरस्वती के चित्र के समक्ष दीप प्रज्ज्वलित कर किया। काबीना मंत्री ने शिक्षिकाओं से ईमानदारी पूर्वक कर्तव्य निर्वहण करने का आग्रह किया।
इसके अलावा विधायक मुहम्मद रिजवी, डा. मदन राय, रामजी यादव, बीएसए राकेश सिंह, लल्लन शर्मा, सोहन गुप्ता, रवींद्र सोनकर, रामअवतार चौधरी आदि ने संबोधित किया। अध्यक्षता अनिल राय और संचालन मोहनकांत राय ने किया।