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UP Crime: खुद को गोली मारी...गंगा में फेंक दिया कट्टा, सच जब सामने आया तो पुलिस भी रह गई हैरान; जानें वजह

Wed, 18 Mar 2026 07:21 PM IST
Aman Vishwakarma अमर उजाला नेटवर्क, बलिया।

सार

Ballia News: बलिया जिले में खुद को गोली मारने की सूचना पाकर माैके पर बैरिया थाने की पुलिस भी पहुंच गई थी। इस मामले में मुकदमा भी दर्ज किया गया था। पड़ताल में जब सच्चाई सामने आई तो पुलिस ने साजिश रचने वालों के खिलाफ कार्रवाई की।
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साजिश रचने वाले भाइयों की जानकारी देती पुलिस। - फोटो : संवाद
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विस्तार
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UP News: बलिया में बैरिया थाना क्षेत्र के गंगा पार स्थित भुआल छपरा-नौरंगा गांव में भूमि विवाद को लेकर एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां विपक्षियों को फंसाने के लिए खुद को गोली मारकर झूठा मुकदमा दर्ज कराने का षड्यंत्र रचा गया। पुलिस जांच में सच्चाई सामने आने के बाद इस मामले में दो सगे भाइयों को गिरफ्तार कर लिया गया है।

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जानकारी के अनुसार, गांव में फसल काटने और जमीन के विवाद को लेकर पहले से मुकदमा चल रहा था। इसी रंजिश में रविंद्र ठाकुर और उसके भाई अशोक ठाकुर ने विपक्षी पक्ष को फंसाने की योजना बनाई। योजना के तहत मंगलवार को अशोक ठाकुर ने खुद को तमंचे से गोली मार ली। इसके बाद चार लोगों (घुरन ठाकुर, नारायण ठाकुर, कृष्णा ठाकुर और विष्णु ठाकुर) पर गोली मारने का आरोप लगाते हुए थाने में मुकदमा दर्ज कराया गया।

पुलिस ने की कार्रवाई

घटना के बाद पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू की। क्षेत्राधिकारी बैरिया मोहम्मद फहीम कुरैशी के नेतृत्व में पुलिस टीम ने घायल अशोक ठाकुर के बयान, घटनास्थल के साक्ष्य और मोबाइल फोन की कॉल डिटेल्स की गहन जांच की। जांच के दौरान कई तथ्यों में विरोधाभास पाया गया, जिससे पुलिस का संदेह गहराता गया।

पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर जब गहन पूछताछ की, तो पूरा मामला खुलकर सामने आ गया। पूछताछ में रविंद्र ठाकुर ने स्वीकार किया कि विपक्षी पक्ष को फंसाने के इरादे से उसने ही अपने भाई अशोक ठाकुर के बाएं हाथ में गोली मारी थी। 
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दो भाइयों ने सची थी साजिश

दोनों भाइयों ने मिलकर यह साजिश रची थी, ताकि जमीन विवाद में चल रहे मुकदमे में विपक्षियों को कानूनी रूप से फंसा सकें। कट्टे के बारे में पूछे जाने पर आरोपियों ने बताया कि घटना के बाद उसे गंगा नदी में फेंक दिया गया। पुलिस अब हथियार की बरामदगी के प्रयास में जुटी हुई है।

क्षेत्राधिकारी मोहम्मद फहीम कुरैशी ने प्रेस वार्ता में बताया कि यह पूरी घटना एक सोची-समझी साजिश का हिस्सा थी। झूठे आरोप लगाकर निर्दोष लोगों को फंसाने का प्रयास किया गया, जिसे पुलिस की सतर्कता और सटीक जांच के चलते उजागर कर लिया गया। पुलिस ने दोनों आरोपियों (रविंद्र ठाकुर और अशोक ठाकुर) को गिरफ्तार कर लिया है और उनके खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर आगे की विधिक कार्रवाई की जा रही है।
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