थानाध्यक्ष गड़वार हितेश कुमार ने बताया कि पुलिस जांच के दौरान एक सीसी कैमरे में झूलन चौरसिया (65) पोखरे की तरफ जाते दिखाई पड़े। पोखरे में खोजबीन करने पर शव मिला। थानाध्यक्ष हितेश कुमार ने बताया कि परिजनों से पूछताछ और अब तक की जांच में पता चला कि पिता झूलन चौरसिया मझले बेटे नीरज को मकान से हटाना चाहते थे। नीरज पास में बने नए मकान में कुछ दिन बाद जाने की बात कह समय आगे बढ़ा दे रहा था।
कुछ दिनों से झूलन भी गांव के घर की जगह इसी मकान में रहते थे। स्थानीय लोगों के अनुसार घटना की शाम को झूलन चौरसिया शराब के नशे में नीरज को गाली दे रहे थे। विवाद भी किया था जो काफी देर तक चला था। नीरज ने बताया कि पिता झूलन चौरसिया बरामदे में ही सोए थे। पुलिस के अनुसार रात में सभी के सो जाने के बाद झूलन नीरज की दुकान व गोदाम में आग लगाकर दरवाजा बाहर से बंद कर ताला लगाने के बाद पास स्थित पोखरे में कूदकर आत्महत्या कर ली। घटना के बाद झूलन के गायब होने सेर तमाम आशंका व्यक्त की जा रही थी, जो शव मिलने के बाद पुष्ट हो गई।
सास और जेठ भी गिरफ्तार
रसड़ा के परसिया निवासी उत्तम चौरसिया ने बेटी रितिका व नाती अभिषेक की संपत्ति विवाद में जलाकर हत्या का आरोप सास, ससुर व जेठ पर लगाया था। पुलिस ने तहरीर पर तीनों पर प्राथमिकी दर्ज कर मामले की जांच पड़ताल कर रही थी। थाना प्रभारी हितेश कुमार ने बताया कि घटना के दूसरे दिन पुलिस टीम ने चिलकहर रेलवे क्रासिंग के पास से अभियुक्त दीपक चौरसिया और उसकी मां कांति देवी को गिरफ्तार कर लिया।