यूपी बोर्ड परीक्षा के लिए 205 विद्यालयों को परीक्षा केंद्र के लिए प्रस्तावित किया गया है। केंद्र निर्धारण में मानकों का उल्लंघन किया गया है। कई विद्यालयों का परीक्षा केंद्र निर्धारित अधिकतम दूरी 12 किमी. से भी दूर है। ऐेसे में परीक्षार्थियों को भी परीक्षा देने में परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है।
यूपी बोर्ड परीक्षा में इस बार जिले में परीक्षार्थियों की संख्या एक लाख 82 हजार 179 है, जबकि पिछली बार परीक्षार्थियों की संख्या करीब एक लाख 98 हजार 390 थी। इस प्रकार इस बार बोर्ड परीक्षार्थियों की संख्या करीब 16 हजार कम है। विभागीय आंकड़ों पर विश्वास करें तो इस बार हाईस्कूल में एक लाख 357 है।
जिसमें से छात्रों की संख्या 60 हजार 600 है। जबकि छात्राओं की संख्या 39 हजार 757 है। इसमें से भी व्यक्तिगत छात्र-छात्राओं की संख्या 1027 है। वहीं इंटरमीडिएट में छात्र-छात्राओं की संख्या 81 हजार 822 है। जिसमें से छात्रों की संख्या 48 हजार 688 है। जबकि छात्राओं की संख्या 33 हजार 134 है।
इन परीक्षार्थियों को परीक्षा देने के लिए 205 विद्यालयों को परीक्षा केंद्र के लिए प्रस्तावित कर सूची जारी कर दी गई है। साथ ही इस पर 12 नवंबर तक आपत्ति मांगी गई थी, जिसमें करीब सौ आपत्तियां आयी हैं। विभाग आपत्तियों के मद्देनजर मंथन शुरू कर दिया है। यदि प्रस्तावित 205 विद्यालयों को ही परीक्षा केंद्र बनाया गया तो मानकों की अनदेखी होना तय माना जा रहा है। ऐसे में उम्मीद जताई जा रही है कि परीक्षा समिति इस पर विचार कर परीक्षा केंद्रों की संख्या बढ़ा सकता है।