बलिया। जिले से लगने वाले बिहार के सीमावर्ती इलाकों में शराब की तस्कर फिर सक्रिय हो गए हैं। बताया जा रहा है कि तस्करों के लिए कॅरियर के रूप में काम करने वाले बेरोजगार युवक चंद रुपयों के लिए अलग-अलग इलाकों और माध्यम से शराब की खेप बिहार पहुंचाते हैं। बिहार सीमा से लगे गांव तस्करी का गढ़ बन चुके हैं।
जानकारी के मुताबिक, बेरोजगार युवक शराब के साथ बिहार का एक चक्कर लगाकर पांच सौ से एक हजार रुपये कमा लेते हैं। इस खुलासा बीते दिनों एक युवक को शराब लेकर बिहार जाते वक्त पकड़े जाने से हुआ है। तस्करों का नेटवर्क इतना मजबूत है कि तस्करी के लिए कॅरियर के रूप में काम करने वाले युवकों को एक बार माल पहुंचाने के बाद दूसरे बॉर्डर पर भेज दिया जाता है। एक युवक ने बताया कि काम देने वाला मालिक शराब को बलिया से रेल, सड़क और जल के रास्ते बिहार तक पहुंचाने का काम देता है।
पांच गुना दाम पर होती है आपूर्ति
सूत्र बताते हैं कि शराबबंदी के बाद से बिहार में चोरी छिपे शराब महंगे दाम पर बिकती है। जिले के मुकाबले चार से पांच गुना अधिक मूल्य मिलता है। सीमावर्ती क्षेत्र में शराब को बिहार पहुंचाने में तस्करों का पूरा नेटवर्क जुड़ा है। तस्करों का पूरा सिंडिकेट इस धंधे को चकमाने के लिए अपना कोड वर्ड भी बनाया है। इससे उनको पता चलता है कि किस क्षेत्र में निगरानी तेज है।
समय-समय पर जांच की जाती है। यदि ऐसा हो रहा है तो जांच कर कार्रवाई की जाएगी।- विनोद कुमार, प्रभारी जिला आबकारी अधिकारी, बलिया
शराब तस्करों के खिलाफ अभियान चलाकर कार्रवाई की जाएगी। सीमावर्ती क्षेत्रों में कड़ी निगरानी की जा रही है।- विक्रांत वीर, एसपी।