राजकीय बालिका इंटर काॅलेज में हाईस्कूल की परीक्षा देते विद्यार्थी।
- फोटो : अमर उजाला
बोर्ड परीक्षा के दूसरे दिन बुधवार को दो केंद्रोें पर लापरवाही मिलने पर डीआईओएस ने दोनों केंद्र व्यवस्थापको को आजीवन प्रतिबंधित कर दिया। साथ ही दो स्कूलों की मान्यता प्रत्याहरण की संस्तुति भी की। वहीं एक केंद्र व्यवस्थापक को बदलते हुए सुबह के पाली की परीक्षा निरस्त करने की संस्तुति भी की। उधर, जिलाधिकारी सुरेंद्र विक्रम व उनके नेतृत्व में केंद्रों पर निरीक्षण के लिए निकली दर्जनों टीम की हनक परीक्षा में इस कदर रही कि नकल माफियाओं के हौसले पस्त दिखे। बताया जाता है जंगली बाबा इंटर कॉलेज गड़वार पर डीआईओएस की टीम पहुंची तो सीसीटीवी कैमरा बंद मिला और परीक्षा कक्षों पर केंद्र व्यवस्थापक का नियंत्रण नहीं मिला। डीआईओएस ने इस परीक्षा केंद्र के व्यवस्थापक को आजीवन डिबार करने की संस्तुति की।
इसके अलावा आदर्श इंटर कॉलेज सिवान कला परीक्षा केंद्र पर फर्नीचर की व्यवस्था नहीं होने पर डीआईओएस ने केंद्र व्यवस्थापक को आजीवन डिबार करने की संस्तुति की। टीम सत्येंद्र इंटर कॉलेज मझौवा बेल्थरा परीक्षा केंद्र पर पहुंची तो यहां नौ कमरों में अभी भी सीसीटीवी कैमरे नहीं लगे मिले। डीआईओएस ने इस स्कूल की मान्यता प्रत्याहरण के लिए संस्तुति की। डीआईओएस की टीम के महर्षि गालू दास इंटर कॉलेज रस्ता परीक्षा केंद्र पहुंचते ही अफरा-तफरी मच गई। टीम के सदस्यों ने बताया कि परीक्षार्थी एक कमरे से दूसरे कमरे में भागने लगे। डीआईओएस ने इस दुर्व्यवस्था पर केंद्र व्यवस्थापक को बदलते हुए कॉलेज की मान्यता प्रत्याहरण की संस्तुति की और साथ ही सुबह की पाली की परीक्षा को निरस्त करने की संस्तुति भी की।