सिकंदरपुर। सरयू नदी के जलस्तर में अचानक हुई वृद्धि से क्षेत्र के खरीद-दरौली के मध्य बने पीपा पुल के दो नाके पूरी तरह जलमग्न हो गए हैं। यही नहीं तेज धार की वजह से इन नाकों का 60 प्रतिशत से अधिक हिस्सा क्षतिग्रस्त हो चुका है। इस कारण लोगों का आवागमन पूरी तरह प्रभावित हो गया है। क्षतिग्रस्त नाकों के वर्तमान हालात बड़े हादसे को आमंत्रित कर रहे हैं।
खरीद-दरौली घाट के आसपास के लोगों की मानें तो सरयू नदी के जलस्तर में असमय व अचानक वृद्धि हुई है। बताया कि दो दिन पूर्व तक हालात एकदम सामान्य थे। लोग पीपा पुल के सहारे आसानी से आवागमन भी कर रहे थे। शुक्रवार की रात से जलस्तर बढ़ना शुरू हो गया और शनिवार की रात में बढ़ाव तेज हो गया। प्रत्यक्षदर्शियों की मानें तो दो दिन में लगभग तीन फुट जलस्तर बढ़ चुका है जिसके चलते नदी के कुछ हिस्से में आवागमन हेतु रेत पर बिछाए गए प्लेट पानी में डूब गए। जबकि आवागमन न रोके जाने से दरौली घाट की तरफ निर्मित पुल के उत्तरी व दक्षिणी दोनों नाके क्षतिग्रस्त हो गए। लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों की लापरवाही की वजह से वाहन चालक विवशता में क्षतिग्रस्त नाकों के माध्यम से जान हथेली पर रख कर अभी भी आवागमन कर रहे हैं। उधर, ठेकेदार ने लोक निर्माण विभाग के जेई व एई पर आरोप लगाते हुए कहा कि यदि समय रहते विभाग धन उपलब्ध करा दिया होता और कुछ ट्राली मिट्टी गिरा दी गई होती तो यह स्थिति नहीं बनती। उधर, पूर्व प्रधान त्रिलोकी यादव ने बताया कि एक तो दो महीने देर से पीपा पुल का संचालन शुरू कराया गया। लेकिन पूरे संसाधन अभी तक उपलब्ध नहीं कराए जा सके हैं। डब्लू यादव, मुन्नीलाल यादव व पूर्व जिला पंचायत सदस्य रवि यादव ने बताया कि अगर नाके से दो और पीपे जोड़ दिए गए होते तो यह परेशानी नहीं होती। लोक निर्माण विभाग के सहायक अभियंता क्षितिज जायसवाल ने बताया कि खरीद-दरौली पीपा पुल का नाका अत्याधिक पानी के आ जाने से डूब गया है जिससे आवागमन प्रभावित हुआ है। आवागमन चालू करने के लिए नाके पर बालू की बोरियां भरकर रखी जा रही हैं, जल्द ही आवागमन सुचारु रुप से होगा।