मारपीट के एक मामले में बर्खास्त पुलिसकर्मी को शहर कोतवाली पुलिस ने लाकअप में बंद किया था। बुधवार की रात करीब 11 बजे आरोपी पुलिसकर्मी के समर्थक एक अधिवक्ता के साथ कोतवाली में पहुंचे। पुलिस का आरोप है कि आरोपी को लाकअप से लेकर सभी भागने लगे। मुंशी और संतरी के साथ सभी ने मारपीट भी की। इसके बाद अन्य चौकियों के पुलिसकर्मी आ गए और 11 लोगों को पकड़ लिया।
सभी को जेल भेज दिया गया। मामले में पुलिस ने 13 नामजद और 30 अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है।
कोतवाली पुलिस ने बुधवार देर रात एक बर्खास्त पुलिसकर्मी संजय यादव को नगर के शीश महल के पास एक दूकानदार से मारपीट के आरोप में गिरफ्तार किया। चौकी प्रभारी जापलिनगंज सरफराज ने उसे पकड़कर शांतिभंग के आरोप में कोतवाली के लाकअप में बंद कर दिया।
इसकी जानकारी उसके सहयोगियों को हुई तो कोतवाली पहुंचे और मुंशी तथा संतरी की पिटाई कर लाकअप की चाबी छीन ली। सिपाही को लेकर भागने लगे। मुंशी ने 100 नंबर पर डायल कर अधिकारियों को सूचना दी। सूचना मिलते ही शहर के पुलिस चौकियों के सिपाही कोतवाली पहुंच गए। कुछ ही देर में पुलिस के अफसर भी कोतवाली पहुंचे। तब तक तत्परता दिखाते हुए 11 आरापी पकड़े जा चुके थे, शेष भाग गए।
गिरफ्तार होने वालों में शहर कोतवाली क्षेत्र के सतनी सराय निवासी राकेश चौरसिया, आवास विकास कालोनी निवासी अंकित चौबे, तिखमपुर निवासी उमेश प्रताप सिंह, आनंद नगर निवासी मयंक तिवारी व रोहित सिंह, आर्यसमाज रोड निवासी अंकित शुक्ला, गड़वार थाने के गुरवां निवासी शंकर सिंह व रवि सिंह, सहतवार थाने के बरियारपुर निवासी दीपक तिवारी तथा बलेऊर निवासी अभिषेक, बांसडीह के राजा गांव खरौनी निवासी रंजन सिंह हैं। मुंशी अनिल कुमार सोनकर की तहरीर पर 13 नामजद तथा 30 अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर चालान कर दिया गया। सीओ सिटी बाबू लाल यादव ने बताया कि रात में आरोपी के साथी उसे छुड़ाने कोतवाली पहुंचे थे, जहां पर सभी ने हंगामा किया। मुकदमा दर्ज हुआ है।