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Ballia News: 1621 किमी खड़े होकर की यात्रा, फूल गए पैर

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रेलवे स्टेशन पर मेमो ट्रेन में सवार होते यात्री। संवाद
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बलिया। 11061 लोकमान्य तिलक- जयनगर जाने वाली पवन एक्सप्रेस दोपहर तीन बजे के बलिया पहुंची। धीरेंद्र कुमार निवासी खेजुरी अपने सूजे पैर दिखाते हुए कहा कि टिकट कन्फर्म होने के बावजूद मुंबई से 1621 किलोमीटर बैठकर यात्रा करनी पड़ी। इससे पैर की यह हालत हो गई है। बोगी पूरी तरह से भरी होने के कारण शौचालय जाने में फजीहत हुई। चार वर्षीय बेटे का रो-रो कर बुरा हाल रहा। पत्नी सरिता की भी हालत खराब है।
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होली अपनों के साथ मनाने के लिए परिवार के साथ दिल्ली, मुंबई, कोलकाता, अहमदाबाद, अमृतसर, चेन्नई आदि शहरों से रहने वाले लोग विभिन्न ट्रेनों से पहुंच रहे हैं। स्टेशन यात्रियों से गुलजार हो गया है। भीड़ इतनी है कि एक सीट पर दोगुने लोग बैठकर यात्रा कर रहे हैं। पहले से बैठे यात्री दरवाजा नहीं खोल रहे हैं। दो महीने से टिकट कन्फर्म होने के बावजूद लोगों को अपने सीट पर भी बैठने की जगह नहीं मिल रही है। स्टेशन पर ट्रेन रुकते ही गेट पर भीड़ होने से आपात खिड़की से यात्री चढ़े-उतरे।
दिल्ली, कोलकाता, मुंबई, अहमदाबाद, अमृतसर से आने वाली ट्रेनों में भीड़ इस कदर है कि ट्रेनों में पांव रखने की जगह नहीं है। यात्री शौचालय व गेट पर बैठकर व चादर बांध कर यात्रा करने को विवश है। त्योहार स्पेशल ट्रेनों भी राहत नहीं मिल पा रही है। शिकायत करने पर आरपीएफ व टीटी कोई सुनने को तैयार नहीं है। सोमवार को कुछ इसी तरह का नजारा रेलवे स्टेशन पर देखने को मिला। जनरल को कौन कहे एसी में भी स्लीपर जैसी स्थिति बनी हुई थी। महिला पुरुष खड़े होकर यात्रा करने को मजबूर हैं।
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सेनानी डाउन दोपहर में स्टेशन पर पहुंची भीड़ इतनी थी की लोग बच्चों व महिलाओं को भी अंदर जाने की जगह नहीं दे रहे थे। आरपीएफ जवानों ने कई महिला यात्रियों व उनके बच्चों को अंदर किया। कुछ लोगों का सामन प्लेटफार्म पर ही छूट गया, जिसे जवानों ने थमाया। होली पर्व पर रेलवे को चार से पांच गुना आय होने के बावजूद यात्रियों की भीड़ के सापेक्ष स्पेशल ट्रेनों का संचालन नहीं कर रहा है। इससे यात्रियों को परेशानी उठानी पड़ रही है।
सिकंदरपुर निवासी मनोज कुमार पूरे परिवार के साथ गांव शादी में भाग लेने के लेने आए। ट्रेन से उतरने के बाद प्लेटफार्म के फर्श पर बैठ गए। उनकी हालत खराब थी। पत्नी ने बताया कि टिकट कंफर्म होने के बावजूद तीन अन्य लोगों ने सीट पर दूसरे लोगों ने कब्जा कर लिया था, भीड़ के कारण पति बाथरूम न जाने के कारण हालत बिगड़ गई थी। रेलवे को शिकायत करने पर सीट दिलाने का आश्वासन मिला, कुछ देर बाद उनकी तरफ रिप्लाई देना भी बंद कर दिया। अगर यही हालत है तो रिजर्वेशन कराने का क्या फायदा। ट्रेन में इतनी भीड़ थी कि लोग खिड़की से सामान व खुद निकल रहे थे।
ट्रेनों में भीड़ को देखते हुए आरपीएफ़ व जीआरपी के जवान प्लेटफार्म पर अलर्ट है। भीड़ भाड़ वाली ट्रेनों में यात्रियों को लटक कर यात्रा करने से मना करने के साथ सुरक्षा को लेकर जागरूक कर रहे हैं।

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पाटलीपुत्र बलिया मेमू से भरा प्लेटफाॅर्म
त्योहार के कारण ट्रेनों में भारी भीड़ चल रही है। सोमवार को पाटलीपुत्र मेमू ट्रेन दो घंटे बिलंब से प्लेटफार्म संख्या तीन पर पहुंची, प्लेटफाॅर्म पर करीब एक हजार से अधिक यात्री ट्रेन का इंतजार कर रहे थे। ट्रेन के प्लेटफार्म पर पहुंचते ही यात्री चढ़ने लगे, उतरने वाले यात्रियों के कारण गेट पर दोनों तरफ से जाम लग गया। उतरने वाले यात्रियों को जगह देने के बाद प्लेटफार्म के यात्री चढ़े, इसमे अधितर लोग बाजार कर होली मनाने घर जा रहे थे। बहुत से यात्री बिहार जा रहे थे।

छपरा के प्रताप कुमार ने बताया कि स्लीपर बोगी व जनरल कोच में कुछ अंतर नहीं रह गया है। भीड़ इतनी है कि सीट के नीचे व शौचालय के बाहर तक लोग बैठे हुए है। बैठने की जगह न होने के कारण खड़े होकर यात्रा करने को मजबूर है। बलिया में आने पर कुछ बोगी में भीड़ कम हुई है। लेकिन अभी राहत नहीं है। दरभंगा के महेंद्र शाह ने बताया कि होली के कारण अचानक घर से फोन आने पर जा रहा हूं। आगे से कभी त्योहार पर घर नहीं जाऊंगा। त्योहार के पूर्व यात्रा करने पर काफी सहूलियत रहती है।

सोनपुर के अभिषेक कुमार ने बताया कि दादी की मौत हो गई है, मजबूरन पत्नी व दो वर्षीय बेटी के साथ जा रहा हूं। ट्रेन की हालत बहुत खराब है, एक सीट पर तीन यात्रियों के जगह होती है, इसमें आठ से दस लोग बैठे हुए है। पैर व शरीर में दर्द हो रहा है।

रेलवे स्टेशन पर मेमो ट्रेन में सवार होते यात्री। संवाद

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