कौशल विकास मिशन योजना अंतर्गत जेएम पब्लिक स्कूल सिकंदरपुर में छात्र-छात्राओं को तकनीकी शिक्षा के लिए प्रशिक्षण केंद्र खोला गया था। आरोप है कि नौ माह बीत गए लेकिन अब तक एक भी प्रायोगिक परीक्षा नहीं कराई गई।
इसे लेकर छात्र-छात्राओं में गहरी नाराजगी है। इसे लेकर शनिवार को केंद्र पर जमकर हो हल्ला किया और धरने पर बैठ गए। ड्रेस भी लेने से इंकार कर दिया। बाद में मुख्य विकास अधिकारी को संबोधित ज्ञापन एसडीएम सिकंदरपुर घनश्याम त्रिपाठी को सौंपा।
बेरोजगारों को रोजगार उपलब्ध कराने के उद्देश्य से राज्य सरकार ने कौशल विकास मिशन योजना आरंभ की है, जिसके अंतर्गत जिले के विभिन्न स्थानों पर प्रशिक्षण केंद्र खुलवाया गया। ताकि युवाओं को तकनीकी शिक्षा प्राप्त हो सके।
सिकंदरपुर में प्रशिक्षण ले रहे छात्र-छात्राओं की अब तक एक भी प्रायोगिक तथा लिखित परीक्षा नहीं कराई गई है। इससे उनमें रोष व्याप्त है। उनका आरोप है कि संस्था के प्रबंधक नौ माह बाद घटिया किस्म के ड्रेस वितरित कर रहे थे। इसे हम लोगों ने लेने से इंकार कर दिया।
साथ ही आरोप लगाया कि पढ़ाई के नाम पर केवल कंप्यूटर पर बैठाकर हम सभी का फोटो खींचा गया लेकिन सच्चाई यह है कि आज तक प्रशिक्षण नहीं दिया गया। मांग किया कि हम लोगों की प्रायोगिक और लिखित परीक्षा कराकर प्रमाण पत्र जारी किया जाए। इस मौके पर शेखर गुप्ता, रामविलास पांडेय, चंद्रशेखर भारद्वाज, आशा, अंकिता, पूजा सिंह, ज्ञंांती, अली अकबर, सतीश शर्मा, श्रीप्रकाश यादव समेत सैकड़ों छात्र-छात्रा मौजूद रहे।