सोमवार रात तक ट्रैक को हर हाल में दुरुस्त करा दिया गया। इसके बाद डीजल इंजन वाली ट्रेन चलने लगेंगी। विद्युत तार अभी सही नहीं हैं, उसे ठीक होने में अभी लगभग 10 घंटे लग जाएंगे। ट्रैक मरम्मत को लेकर बलिया छपरा के बीच विद्युत खंभों से लाइन काट दी गई हैं। हालांकि टीम की अथक मेहनत से 7.45 पर ट्रैक दुरुस्त कर दिया गया और पहली ट्रेन बलिया से 7.50 पर गुजारी गई।
इस मौके पर डीआरएम टीआई एसके पांडेय, डीपीओ प्रवीण कुमार, सीपीडब्लू आई बलिया धर्मेंद्र यादव, पीडब्ल्यू आई भटनी आरके यादव, पीडब्ल्यू आई गाजीपुर योगेश शर्मा, पीडब्ल्यू आई बलिया अशोक एवं अखिलेश कुमार गुप्ता, ए ई इन मऊ एके श्रीवास्तव सहित छपरा, मऊ, सलेमपुर के अलावा अन्य अधिकारी व कर्मचारी मौजूद रहे।
ट्रेनों का परिचालन ठप होने के दौरान बलिया मॉडल रेलवे स्टेशन से होकर गुजरने वाली ट्रेनों के निरस्त होने से रेलवे टिकट काउंटर पर दो दिन में लगभग 50 हजार के टिकट वापस हुए। टिकट बिक्री में 12 लाख आय भी नहीं हुई। रेलवे को लगभग 13 लाख का नुकसान हुआ। वाणिज्य प्रबंधक पीएन मिश्रा ने बताया कि ट्रैक खराब होने के कारण लगभग 12 लाख की आय में कमी आई है।
एनई रेलवे मजदूर यूनियन ने कराया चाय नाश्ता :
छपरा रेलखंड स्थित बांसडीह रोड रेलवे स्टेशन के समीप बरसात के कारण रेलवे ट्रैक ध्वस्त हो गया था जिसको ठीक करने के लिए लगभग डेढ़ सौ मजदूर लगे हुए हैं जिन्हें एनई रेलवे के मजदूर यूनियन के तरफ से चाय नाश्ता पानी की व्यवस्था कराई गई। सहयोगी में शशिकांत संजय सिंह सुनील सिंह शेख असगर अमित पांडे अशोक जयसवाल संतोष वर्मा टीएन यादव एन एन मिश्रा राजमुनी सुमन वीरेंद्र विक्रम संजय राय विमल गुप्ता सत्येंद्र राय उपेंद्र पप्पू आदि उपस्थित रहे।
सुरेमनपुर रेलवे स्टेशन पर 90 हजार का टिकट रद :
छपरा-बलिया रेलखंड पर बांसडीह के पास रेलवे लाइन धंसने के कारण ट्रेनों का परिचालन बंद होने से सुरेमनपुर रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म पर सोमवार को सन्नाटा पसरा रहा। छपरा से सुरेमनपुर रेलवे स्टेशन होकर विभिन्न स्थानों के लिए आने-जाने वाली एक दर्जन से अधिक मेल व एक्सप्रेस ट्रेनों का रूट बदल दिया गया है। वहीं, पैसेंजर ट्रेनों को निरस्त कर दिया गया है जिससे यात्रियों को असुविधा का सामना करना पड़ रहा है।
ट्रेनों का परचालन नहीं होने से रेलवे को भी भारी आर्थिक क्षति उठानी पड़ रही है। छपरा से दुर्ग को जाने वाली सारनाथ एक्सप्रेस, दरभंगा से दिल्ली जाने वाली सद्भावना एक्सप्रेस, दरभंगा से अहमदाबाद जाने वाली साबरमती एक्सप्रेस, बरौनी से गोंदिया जाने वाली गोंदिया एक्सप्रेस, छपरा से लखनऊ जाने वाली उत्सर्ग एक्सप्रेस को सीवान, भटनी, मऊ के रास्ते चलाया जा रहा है जबकि बलिया-सियालदह एक्सप्रेस को बलिया के बदले छपरा से वापस कर दिया गया।
छपरा-लखनऊ एक्सप्रेस को छपरा के बदले बलिया से चलाया जा रहा है। वहीं चार पैसेंजर ट्रेनों के अलावा छपरा वाराणसी वाया मऊ इंटरसिटी एक्सप्रेस को भी निरस्त कर दिया गया है। वाणिज्य अधीक्षक कमलेश मीना ने बताया कि इन ट्रेनों का रूट बदलने से अकेले सुरेमनपुर रेलवे स्टेशन पर लगभग एक लाख रुपये का टिकट नहीं बिका, जो रोज बिकता है।
वहीं, करीब 90 हजार रुपये का आरक्षित टिकट भी कैंसिल किया गया। पिछले 36 घंटों से इस मार्ग पर ट्रेनों का आवागमन बाधित होना यात्रियों के लिए परेशानी का सबब बना हुआ है। आलम यह है कि बकुल्हा से लेकर बांसडीह रोड तक करीब आधा दर्जन रेलवे स्टेशनों पर सन्नाटा है। इस बाबत पूर्वोत्तर रेलवे वाराणसी के डीआरएम बृीके पंजियार ने बताया कि दोपहर तक क्षतिग्रस्त रेलवे ट्रैक को ठीक कर रोलिंग टेस्ट किया जाएगा। इसके बाद कॉसन पर ट्रेनों का परिचालन शुरू कराया जाएगा। लेकिन मौके पर कार्य कर रही तकनीकी टीम ने बताया कि अगर मौसम ठीक रहा तो देर शाम तक रेलवे ट्रैक के मरम्मत का कार्य पूरा कर लिया जाएगा।