बलिया। आंध्र प्रदेश के करुर से चली श्रमिक एक्सप्रेस ट्रेन रविवार की भोर में 1222 यात्रियों को लेकर बलिया मॉडल रेलवे स्टेशन पर पहुंची। इनमें 80 महिलाएं शामिल हैं। 24 यात्री जिले के हैं जिनमें एक को संदिग्ध पाए जाने पर क्वारंटीन किया गया जबकि अन्य अपने साधनों से घर रवाना हुए। 1198 यात्री गैर जनपदों के निवासी थे जिन्हें स्वास्थ्य परीक्षण के बाद रोडवेज बसों से रवाना किया गया। दूसरी ट्रेन गुजरात के राजकोट से शाम चार बजे आई। इसमें 1250 यात्री सवार थे। इस प्रकार आंध्रप्रदेश और गुजरात के राजकोट से रविवार को कुल 2472 कामगार जिले में पहुंचे।
श्रमिक एक्सप्रेस ट्रेन निर्धारित समय 3:56 की जगह दो घंटे विलंब से 5:56 पर बलिया रेलवे स्टेशन पर पहुंची। इससे पहले प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की टीम रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म पर मौजूद थी। इस ट्रेन में सवार होकर 1222 कामगार आए। सोशल डिस्टेंसिंग का पालन कराते हुए सभी श्रमिकों को बोगियों से उतारा गया। स्टेशन पर बने सुरक्षा घेरे में सभी को खड़ाकर उनकी थर्मल स्क्रीनिंग की गई। स्वास्थ्य और शिक्षा विभाग की टीम ने सभी कामगारों का नाम, पता व मोबाइल नंबर दर्ज किया। इसके बाद गैर जनपदों के 1198 लोगों को लंच पैकेट व बंद बोतल पानी देकर उन्हें रोडवेज के 46 बसों से उनके गृह जनपद भेजा गया। शेष मजदूर अपने-अपने संसाधनों से अपने घर पहुंचे। इस दौरान एक व्यक्ति के संदिग्ध मिलने पर प्रशासन ने क्वारंटीन कर दिया। एसडीएम सदर अश्वनी कुमार श्रीवास्तव ने टीम के साथ स्टेशन पर व्यवस्था का जायजा लिया। उन्होंने बताया कि ट्रेन से आए कामगारों की थर्मल स्क्रीनिंग की गई। एक व्यक्ति के संदिग्ध मिलने पर उसे क्वारंटीन किया गया। इसके बाद अन्य यात्रियों को लंच पैकेट और पानी की बोतल देकर रोडवेज बसों से उनके गंतव्य तक भेजा गया। उधर, गुजरात के राजकोट से 1250 यात्री विशेष ट्रेन से शाम चार बजे बलिया पहुंचे।
प्रदेश के कई जनपदों श्रमिक थे शामिल
बलिया। आंध प्रदेश से आई ट्रेन में बलिया के अलावा देवरिया, कुशीनगर, महराजगंज, फैजाबाद, लखनऊ, जौनपुर, प्रयागराज, फतेहपुर, कौशांबी, गोंडा, बहराइच, गाजीपुर, चंदौली, मऊ, आजमगढ़, अंबेडकर नगर, गोरखपुर, बस्ती, संतकबीर नगर, मिर्जापुर आदि जनपदों के श्रमिक रहे।
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स्टेशन के बाहर सोशल डिस्टेंसिंग का नहीं हुआ पालन
बलिया। मॉडल रेलवे स्टेशन पर रविवार की सुबह सोशल डिस्टेंसिंग का पालन कराते हुए श्रमिकों के स्वास्थ्य की जांच की गई। इसके बाद उन्हें बस में बैठने के लिए भेजा गया। लेकिन स्टेशन के बाहर निकलते ही श्रमिकों ने सोशल डिस्टेंसिंग का पालन नहीं किया। बसों में सवार होते समय भी कामगारों ने धक्कामुक्की की।