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मंत्री के जाते ही गोद में मरीजों को ढोते दिखे तीमरदार

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सहकारिता मंत्री के निरीक्षण से पूर्व जिला अस्पताल का निरीक्षण करते सीएमओ डॉ. नीरज पांडेय साथ में - फोटो : BALLIA
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बलिया। सहकारिता राज्यमंत्री जेपीएस राठौर ने शनिवार को जिला अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड का निरीक्षण। निरीक्षण के मद्देनजर अस्पताल की सभी व्यवस्था को चाक चौबंद की गई थी और सीमएस कमान संभाले हुए थे। उनकेके जाते ही एक बार फिर जिला अस्पताल की व्यवस्थाएं चरमरा गई।
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राज्यमंत्री ने सीएमस से ट्रामा सेेेटर की जानकारी ली। सीएमएस डा. दिवाकर सिंह ने चिकित्सकों और स्टाफ की कमी के चलते दिक्कत हो रही है। ट्रामा सेंटर के लिए चिकित्सकों सहित 40 स्टाफ चाहिए। इसमें दो लोगों की ड्यूटी लगाई है। ट्रामा सेंटर में कोविड-19 का टीकाकरण किया जा रहा है। राज्य्मंत्री आमोद कुमार से सीटी स्कैन की जानकारी ली। अल्ट्रासांउड नहीं होने के कारण पूछा तो पता चला कि रेडियोलाजिस्ट की तैनाती नहीं होने से काम ठप है। जिला महिला अस्पताल में भी अल्ट्रासाउंड मशीन है लेकिन रेडियोलाजिस्ट के नहीं है।
जेपीएस राठौर ने कहा कि ट्रामा सेंटर में डॉक्टरों की कमी है। डॉक्टरों की कमी दूर करने के के उपाय किए जा रहे हैं। ज्यादा से ज्यादा मेडिकल कॉलेज खोले जा रहे हैं। बलिया में मेडिकल कॉलेज बनाने के प्रयास किए जा रहे हैं।
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स्ट्रेचर पर इलाज, गोद में मरीज
अस्पताल में सुबह से साफ-सफाई का सिलसिला शुरू था। हेल्प डेस्क को दुरुस्त किया गया। हर वार्ड की चादर बदली गई। चूने का छिड़काव हुआ। डॉक्टर और स्टाफ नर्स भी अपनी वर्दी में दिखे। मरीजों की बढ़ती भीड ने जिला अस्पताल की पोल खोल दी। मरीजों को इलाज के लिए बेड तक नसीब नहीं हुआ। डाक्टरों ने मरीज का स्ट्रेचर पर ही इलाज करना शुरू कर दिया। जैसे ही मंत्री निकले इसके बाद जिला अस्पताल की व्यस्था बिगड़ गई। इमरजेसीे वार्ड से नए भवन में मरीजों को बिना स्ट्रेचर के गोद में लेकर जाना पड़ा।
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