बलिया। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के स्थापना दिवस एवं विजयादशमी उत्सव पर बृहस्पतिवार को बलिया नगर में पथ संचलन निकाला गया। संघ के शताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य में संचलन में करीब तीन हजार स्वयंसेवकों ने पूर्ण गणवेश में घोष की धुन पर राष्ट्र के प्रति समर्पण का संदेश दिया।
पथ संचलन अपराह्न तीन बजे नगर के चार स्थानों टाउन हॉल परिसर, पशु चिकित्सालय, दयानंद विद्या मंदिर (आर्य समाज रोड) और बिचला घाट स्थित श्री हनुमान मंदिर से एक साथ शुरू हुआ। विभिन्न मार्गों से होते हुए चारों संचलन शहीद पार्क चौक पर एकत्र हुए।
यहां से सभी स्वयंसेवक एक साथ विक्रमा सिनेमा रोड, श्री हनुमानगढ़ी, एलआईसी, मालगोदाम रोड, रेलवे स्टेशन, चित्तू पांडेय चौराहा, टीडी कॉलेज चौराहा और कुंवर सिंह चौराहा होते हुए वीर लोरिक स्पोर्ट्स स्टेडियम पहुंचे। यहां समापन समारोह एवं बौद्धिक कार्यक्रम आयोजित किया गया।
वीर लोरिक स्पोर्ट्स स्टेडियम में आयोजित कार्यक्रम का शुभारंभ विभाग संघचालक राम प्रताप, सह जिला संघचालक डॉ. विनोद सिंह, मुख्य अतिथि प्रख्यात शिक्षाविद एवं अखिल भारतीय प्रचार टोली के सदस्य मुकुल कानिटकर तथा कार्यक्रम अध्यक्ष अनुज सरावगी ने भारत माता, मां दुर्गा और भगवान श्रीराम के चित्र के सम्मुख दीप प्रज्ज्वलित कर किया।
अतिथियों के परिचय और एकलगीत के बाद मुख्य अतिथि मुकुल कानिटकर ने संघ एवं शाखा की भूमिका पर विचार रखे।
उन्होंने कहा कि गंगा में डुबकी लगाए बिना उसके पवित्रता की अनुभूति नहीं हो सकती। गंगा को समझने के लिए उसमें उतरना पड़ता है। उसी प्रकार संघ को केवल पुस्तकें पढ़कर नहीं समझा जा सकता, बल्कि शाखा में आकर उसके संस्कारों और वातावरण को आत्मसात करना पड़ता है। संघ को जानना है तो शाखा रूपी गंगा में उतरना ही होगा। उन्होंने सामाजिक भेदभाव से ऊपर उठकर आपसी आत्मीयता, समरसता और सहयोग की भावना विकसित करने पर जोर दिया।
कार्यक्रम का संचालन जिला कार्यवाह अरुण मणि ने किया। रितेश ने एकलगीत प्रस्तुत किया, जबकि भोला ने संघ प्रार्थना कराई। कार्यक्रम के मुख्य शिक्षक उमापति थे। अंत में संघ प्रार्थना के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ।
इस अवसर पर नगर संघचालक परमेश्वरन श्री, सह नगर संघचालक ओम प्रकाश राय, सह प्रांत प्रचारक सुरजीत, प्रांत कार्यवाह विनय, प्रांत संयोजक कुटुंब प्रबोधन संजय शुक्ल, सह विभाग कार्यवाह हरनाम, जिला प्रचारक अखिलेश्वर थे।