परेशान हुए तीमारदार
शनिवार को भी आपूर्ति में विशेष सुधार नहीं आया। सुबह नौ बजे से रात नौ बजे तक चार से पांच बार में करीब दो घंटे से अधिक समय तक बिजली कटौती होती रही। इससे वार्डों में भर्ती मरीज गर्मी से बेहाल रहे। जनरेटर चलाकर इमरजेंसी व्यवस्था बहाल की गई।
बिजली न रहने से एक्स-रे, पैथाेलाॅजी में लेट लतीफ से जांचे हुईं। वहीं, सीटी स्कैन जांच नहीं हुई। बिजली न रहने के कारण ओपीडी में चिकित्सक 10 बजे के बाद बैठे। चिकित्सकों व कर्मचारियों के आवास पर गर्मी से परिजन परेशान रहे। दोपहर बाद ओपीडी बंद होने व मौसम ठंडा होने से बिजली कटौती कम हुई।
गर्मी के बीच पंखे से हवा लेती महिला।
- फोटो : अमर उजाला
बिजली निगम की लापरवाही का खामियाजा भुगत रहे मरीज
चार वर्ष पूर्व अस्पताल प्रशासन ने बिजली निगम को मेन सप्लाई की दूसरी लाइन का अंदर ग्राउंड केबल लगाने के लिए धन दे चुका है। लेकिन अब तक दूसरी लाइन नहीं खींची गई। हर वर्ष गर्मी में कुछ दिनों के लिए बिजली बाधित रहती है।
अस्पताल प्रशासन ने मई से अब तक दो बार दूसरी लाइन खींचने व लोड बढ़ाने को बिजली निगम को पत्र भेज चुका है। उसके बावजूद बिजली निगम लापरवाह बना हुआ है। चिकित्सक व कर्मचारी आवासों पर एसी का लोड दिन प्रतिदिन बढ़ने से अस्पताल ओवर लोड में चल रहा है। दूसरी लाइन खींचने व लोड़ बढ़ाने के सवाल पर बिजली निगम के अधिकारी कुछ भी बोलने से बच रहे हैं।
एसी बंद, डायलिसिस वाले मरीज गर्मी से परेशान
जिला अस्पताल को आने वाली मेन लाइन के अंडरग्राउंड केबल में फाॅल्ट के कारण सप्लाई नहीं मिल रही है। बिजली निगम ने विशुनीपुर सब स्टेशन से अस्पताल को जोड़ा है। बिजली निगम के अधिकारियों को इसकी जानकारी दी गई है। केबल की मरम्मत होने के बाद पूर्व की भांति सप्लाई मिलेगी। - डॉक्टर सुजीत यादव, सीएमएस, बलिया।