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Ballia News: आयुष हत्याकांड के तीन आरोपियों ने कोर्ट में किया सरेंडर

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बलिया। उभांव थाना क्षेत्र के बेल्थरारोड कस्बे के बंशी पैलेस निवासी राहुल यादव उर्फ आयुष हत्याकांड मामले में अब तक मुठभेड़ में पांच सहित 12 आरोपी गिरफ्तार हो चुके हैं। मंगलवार को तीन आरोपियों पंकज सिंह निवासी मझवलिया उभांव, शिवम राज सोनी राज वर्मा निवासी कस्बा बेल्थरारोड व रोहित वर्मा निवासी रामलीला मैदान ने पुलिस को चकमा देकर सीजेएम शैलेश पांडेय की अदालत में सरेंडर कर दिया। न्यायालय ने 14 दिन की रिमांड पर जेल भेज दिया।
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उभांव थाना क्षेत्र के चौकियां मोड़ निवासी वादी मुकदमा आलोक यादव ने थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। इसमें बताया था कि 13 दिसंबर को मौसेरे भाई राहुल यादव उर्फ आयुष (यादव नगर) बेल्थरारोड को राबिन सिंह, पवन सिंह, रोहित एवं राज अन्य मिलकर बंशी पैलेस के पास गोली मार दी थी। सीने में गोली लगने के बाद गंभीर अवस्था में उसे सीयर सीएचसी पहुंचाया गया। वहां से डॉक्टर ने मऊ रेफर कर दिया था। वहां से वाराणसी में इलाज के दौरान मौत हो गई थी।

तीन साल तक गैंग को पुलिस करती रही नजरअंदाज
बलिया। बेल्थरारोड निवासी राहुल यादव उर्फ आयुष एवं समीर हत्याकांड के बाद पूर्वांचल में युवा गैंग की चर्चा तेज हो गई है। बलिया एवं मऊ जनपद के सीमावर्ती इलाकों में आरोपियों के गैंग की तूती बोलती रही है। पिछले तीन साल से संचालित कई गैंग ने छोटे-बड़े अनेक आपराधिक घटनाओं को अंजाम दिया लेकिन पुलिस इनके वजूद और सक्रियता को नजरअंदाज करती रही।
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जनपद के उभांव, नगरा एवं मऊ जनपद के रामपुर, हलधरपुर, मधुबन थाना क्षेत्र के कई प्रभारियों ने गैंग के युवाओं को पकड़ने-छोड़ने के नाम पर जमकर मलाई काटी। मामले में मऊ एवं बलिया के दो ब्लाॅक प्रमुखों के नाम जुड़ने की बात सामने आने के बाद पुराने आपराधिक मामलों की चर्चा भी होने लगी है। इसमें इन रसूखदार नेताओं ने अपनी पहुंच के दम पर कई आपराधिक मामलों में गैंग के लोगों को थाने से बाहर निकालने में अहम भूमिका निभाई। मामले की अगर उच्चस्तरीय जांच हुई तो निश्चय ही कई बड़े राज सामने आएंगे। अप्रैल में मुजौना के एक तिलक समारोह में हुई फायरिंग के वायरल वीडियो के बावजूद किसी तरह की कार्रवाई न होने के पीछे भी राजनीतिक दबाव के ही होने की चर्चा शुरू से रही है। इसके अलावा तीन मुहानी पर एक युवक को गाड़ी से खींचकर मारने समेत कई आपराधिक वारदात में पुलिस ने सख्त कार्रवाई करने के बजाए लगातार लचीला रुख अपनाया। पुलिस के सख्ती न करने कारण गैंग के सक्रिय युवकों की आपराधिक गतिविधियां बेरोकटोक जारी रहीं। साल 2022 के बाद सक्रिय हुए गैंग के सदस्यों में कई बार छोटे मामलों को लेकर आपस में भी टकराव हुआ और स्थिति मारपीट से हत्या तक की बन गई। समीर के परिजनों के अनुसार, समीर पर मऊ के रामपुर में जानलेवा हमला हुआ था। पुलिस ने सख्ती की होती तो आयुष हत्याकांड नहीं हुआ होता।
मऊ व देवरिया बार्डर से जुड़े थाना क्षेत्रों की पिछले अपराधिक घटनाओं व उसमें शामिल अपराधियों का रिकार्ड खंगलवाया जा रहा है। घटना के खुलासे के बाद गैंग व उसमें शामिल युवकों पर सख्ती बरतने का काम चल रहा है। जो आने वाले दिनों में दिखेगा। दिनेश कुमार शुक्ला, एएसपी उत्तरी


12 गिरफ्तार, 50 हजार के इनामी राबिन समेत चार ने किया सरेंडर

आयुष एवं समीर हत्याकांड में पुलिस ने अब तक मुठभेड़ में पांच सहित 12 अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है। जबकि 50 हजार के इनामी एवं मुख्य हत्यारोपी राबिन सिंह एवं अफीक समेत चार अभियुक्तों ने पुलिस की दबिश के कारण सरेंडर कर दिया है। आयुष हत्याकांड में सभी अभियुक्त पकड़े जा चुके है। जबकि समीर हत्याकांड में हत्यारोपी गौरव यादव एवं अविनाश सिंह उर्फ बिट्टू अब तक मऊ पुलिस की गिरफ्त से बाहर हैं।
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