बलिया। ऐतिहासिक ददरी मेला का भारतेंदु मंच बृहस्पतिवार की करीब दो वर्ष बाद एक बार फिर मुशायरे का गवाह बना। मंच पर आयोजित राज्य स्तरीय मुशायरे में जहां शायरों ने अपनी नजमों से तालियां और श्रोताओं की वाहवाही बटोरी।
मुशायरा अंतरराष्ट्रीय शायर इकबाल अशहर की अध्यक्षता में हुआ। मुशायरा का शुभारंभ मुख्य अतिथि भाजपा जिला अध्यक्ष जयप्रकाश साहू और विशिष्ट अतिथि व पूर्व भाजपा जिलाध्यक्ष विनोद शंकर दुबे ने संयुक्त रूप से किया। संचालन कर रहे डॉक्टर कलीम कैसर ने मुशायरा के दौरान अपनी शेरों से दर्शकों को खूब रिझाया। मुशायरे की शुरुआत शरफनानपारवी ने की, जिन्होंने सुनाया कि और कोई इबारत लिखेंगे, मोहब्बत लिखा है, मोहब्बत लिखेंगे, ये मेरा दिल ये मरी जान, मेरा प्यारा हिंदुस्तान, सदा आबाद रहेगा जिन्दाबाद रहेगा...। इसके बाद निजाम बनारसी ने कौमी एकजहती से लबरेज कलाम में कहा कि हम शान तिरंगे की मिटने नहीं देंगे, मर जाएगे झंडे को कभी झुकने नहीं देंगे...। उस्मान मिनाई ने अपनी माशूका को खिताब करते हुए कहा कि तेरे दीदार के लाले पड़े हैं, हमारी आंखें फ़ाका कर रही है...। सियासी दलों पर प्रहार करते हुए कहा कि हर आदमी का लहू तक निचोड़ लेती है, टिकट के वास्ते ढाई करोड़ लेती है।