Ballia News: उत्तर प्रदेश के बलिया जिले में 15 लोगों के घर वाली दलित बस्ती में वाहनों के जाने के लिए रास्ता नहीं है। ऐसे में गर्भवती या किसी बीमार मरीज को खाट पर लेकर मुख्य मार्ग तक जाना पड़ता है।
बलिया जिले के नगरा ब्लॉक की ग्राम पंचायत देवढ़ीया की दलित बस्ती में आज भी रास्ता नहीं है। बुजुर्ग व गर्भवती की तबीयत खराब होने पर लोग खाट पर अस्पताल लेकर जाते हैं। सोमवार को बस्ती के रामकृपाल की बहन आरती देवी की तबीयत खराब हो गई। परिवार व आसपास के लोग आरती को खाट पर लेकर चिकित्सक के यहां गए।
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15 लोगों के घर वाली बस्ती की सड़क से दूरी करीब 100 मीटर है। सड़क का निर्माण न होने से बस्ती में किसी वाहन का आवागमन नहीं हो पाता है। आरती देवी की सोमवार को अचानक तबीयत खराब होने पर खाट पर सुलाकर चिकित्सक के यहां पहुंचाया गया।
स्थानीय टोला निवासी सुनील कुमार ने बताया कि रास्ते का निर्माण न होने के कारण बारिश के समय में काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है। किसी की तबीयत खराब होने पर मरीज को ले जाने के लिए खाट का सहारा लेना पड़ता है।
विकास खंड अधिकारी शिवांकित वर्मा ने बताया कि गांव में खेत का विवाद होने के कारण रास्ता नहीं बन पाया। कई बार प्रस्ताव तैयार स्थानीय लोगों से रास्ता बनाने का सहयोग मांगा गया लेकिन कुछ किसान उसका विरोध कर रहे हैं।