नरही। एनएच-31 पर एक बार फिर 12 घंटे तक भरौली गोलंबर से गाजीपुर मार्ग पर स्थित पखनपुरा तक 20 किमी लंबा जाम लगा रहा। दूसरी तरफ भरौली गोलंबर से नरही तक 14 किलोमीटर तक जाम लगा रहा। भरौली गोलंबर से पटना मार्ग पर बक्सर के भोजपुर के आगे तक 16 किलोमीटर किलोमीटर तक एनएच-922 पर जाम लगा रहा। बक्सर से बलिया पहुंचने में लोगों को पांच घंटे लग गए। मुंडन संस्कार में उजियार गंगा तट पर जाने वाले गई वाहन घंटों जाम में फंसे रहे।
बलिया मार्ग पर भरौली गोलंबर से नरही के राजेश्वर मोड़ तक जाम पहुंच गया। बृहस्पतिवार को शाम से जाम लगना शुरू हुआ और रात 8 बजे तक भीषण जाम लग गया। पूरी रात सड़कों पर वाहन रेंगते रहे। बक्सर रेलवे स्टेशन से बलिया आने वाले हल्दी नीरूपुर गांव निवासी गोलू ने बताया कि डुमरांव से ट्रेन से बक्सर रेलवे स्टेशन पहुंचा। बक्सर से नरही 20 किलोमीटर दूरी तय करने में तीन घंटे लग गए। सारनपुर खरौनी के बबलू यादव ने बताया कि पटना से आ रहा हूं, तीन घंटे से जाम में फंसा हूं। नरही गांव निवासी राजू ने बताया कि मुंबई से बक्सर स्टेशन पहुंचा था, जीप से नरही पहुंचने में ढाई घंटे लगे। बक्सर सारिमपुर के जीप चालक गुड्डू ने बताया कि बक्सर से बलिया पहुंचने में पांच घंटे लग गए। शुक्रवार को 9 बजे तक जाम रुक-रुक कर लगता रहा।
गाजीपुर मार्ग पर चलने वाली यात्री गाड़ियां निर्माणाधीन ग्रीनफील्ड लिंक एक्सप्रेस-वे से आवागमन करतीं रहीं। बता दें कि बलिया मार्ग पर भारी वाहनों का आवागमन बंद है, लेकिन खाली ट्रकों के जाने पर कोई रोक नहीं है। इन ट्रकों की कतार भी भरौली गोलंबर से नरही तक पहुंच जा रही हैं। भरौली से सटे गांवों को लोगों को जाम को लेकर उनका गुस्सा बढ़ता जा रहा है।