बलिया। सरकारी कॉलोनियों में अवैध कब्जा हटाने को लेकर कभी भी जिला प्रशासन गंभीर नहीं रहा है। आज भी कॉलोनियों में जगह जगह अवैध तरीके से बने दुकान व गैरेज ज्यों का त्यों है। इतना ही नहीं इसे किराए पर भी दिया जाता है। कई जगह तो गैरेज खरीद-बिक्री भी किया जाता है।
जिला मुख्यालय पर सरकारी कॉलानियों में खाली जमीनें भी सरकारी कर्मियों की गिद्ध दृष्टि का शिकार होकर रह गई है। विकास भवन से सटे जीजीआईसी के पीछे स्थित सरकारी कॉलोनी में चप्पे पर अतिक्रमण किया गया है। बताया जाता है कि आवास आवंटन करने के बाद इसमें रहने वाले लोग आवास के सामने व आसपास की खाली जमीनों पर इस कदर अतिक्रमण कर लिया है कि कॉलोनियां के रास्ते तक संकरे हो गए हैं। बताया जाता है कि नगर के जीजीआईसी कॉलोनी में कई आवासों में डेढ दशक से अधिक समय से लोग रह रहे हैँ व आसपास दुकानों का संचालन भी लंबे समय से हो रहा है। इन सरकारी कॉलोनियों का कस्टोडियन नजारत है लेकिन आज तक इस पर उसकी नजर नहीं पड़ी या फिर नजरें इनायत रहीं। इस तरह के कई सवाल खड़े हो रहे हैं। बताया तो यह भी जाता है कि इस कॉलोनी में अतिक्रमण कर खाली जमीनों पर बनवाए गए गैरेज को बेचने खरीदने का भी काम किया गया है। कई बाहरी लोग इस गैरेज को खरीद कर अपनी गाड़ियों को रखते हैं। इतना ही नहीं खाली जमीनों पर कई आलीशान भवन भी बना लिए गए हैं। कभी कभार कार्रवाई के नाम पर केवल खानापूर्ति की जाती है।
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दो वर्ष पहले 120 निवासियों को दी गई थी नोटिस, अब तक ठंडे बस्ते में
बलिया। दो वर्ष पहले फरवरी 2020 में जीजीआईसी कॉलोनी में ही अतिक्रमण कर बनाए गए एक घर को जिला प्रशासन ने तोड़वा दिया था। इसके बाद जिला प्रशासन की ओर से पूरी कॉलोनी का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान सामने आया था कि कॉलोनी में अधिकांश लोगों ने आवास के सामने खाली जमीनों पर टिन शेड लगाकर वाहनों को रखने के लिए गैरेज बनवा लिया है। इसके अलावा बच्चों के खेलने आदि के लिए खाली जमीनों पर भी अतिक्रमण कर मकान, दुकान, गैरेज आदि बनवाए गए हैं जिससे कॉलोनी वासियों को परेशानी का सामन करना पड़ है। इस कॉलोनी में जगह-जगह किए गए अतिक्रमण को लेकर जिला प्रशासन की टीम ने कॉलोनी में रहने वाले 120 लोगों को तत्कालीन नगर मजिस्ट्रेट की ओर से नोटिस जारी किया गया था। नोटिस में बताया गया था कि अगर उनके द्वारा अतिक्रमण कर कोई निर्माण कराया गया है तो उसे तीन दिनों के अंदर हटा लें अन्यथा अवैध निर्माण को हटाया जाएगा और उनसे आर्थिक दंड भी वसूल किया जाएगा। लेकिन इसके बाद आज तक कोई कार्रवाई नहीं हुई।
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सरकारी कॉलोनियों में अवैध तरीके से रहने वालों को चिह्नित करने का काम किया जा रहा है। अतिक्रमण पर भी नजर है और कार्रवाई भी होगी।
- प्रदीप कुमार, नगर मजिस्ट्रेट, बलिया