परिषदीय स्कूलों में ग्रीष्मकालीन अवकाश 15 जून को समाप्त हो जाएगा। 16 जून से स्कूल खुल जाएंगे, हालांकि बच्चे नहीं आएंगे। स्कूल खुलने के साथ ही शिक्षकों की ड्यूटी एक बार फिर आउट आफ स्कूल बच्चों को चिन्हित करने में लग जाएगी। घर-घर जाकर शिक्षक बच्चों को चिह्नित कर उन्हें शिक्षा की मुख्य धारा से जोड़ने की कोशिश करेंगे। इस कार्य में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता भी शिक्षकों की मदद करेंगी।
पूर्व में जिले के 2250 प्राथमिक, कंपोजिट एवं पूर्व माध्यमिक विद्यालयों में करीब तीन लाख दस हजार बच्चे पंजीकृत थे। अप्रैल में नया शिक्षा सत्र शुरू होने पर दो बार स्कूल चलो अभियान के तहत शिक्षकों ने करीब अस्सी हजार नए बच्चों का नामांकन कराया। इससे स्कूलों में बच्चों की संख्या करीब तीन लाख 80 हजार से अधिक हो गई। नामांकन में बेहतर प्रदर्शन करने पर जिले की रैकिंग में भी सुधार हुआ है। अब एक बार फिर आउट आफ स्कूल बच्चों को चिह्नित करने का आदेश आ गया है। शारदा (स्कूल हर दिन आएं) योजना के तहत स्कूल न जाने वाले बच्चों की सूची तैयार करने के लिए विद्यालय सेवित क्षेत्र में सर्वे कराया जाएगा। सर्वे के दौरान किसी भी तरह की कोई गड़बड़ी न हो, इसका विशेष ध्यान रखा जाएगा। इस कार्य का रिसोर्स पर्सन, खंड शिक्षाधिकारी भौतिक सत्यापन करेंगे। सामुदायिक सहभागिता के जिला समन्वयक सौरभ गुप्ता ने बताया कि आउट ऑफ स्कूल बच्चों को चिह्नित करने के लिए घर-घर सर्वे कराया जाएगा। ताकि प्रवासी बच्चे और विद्यालय न जाने वाले बच्चों का नामांकन कराया जा सके। निदेशालय का पत्र आने पर खंड शिक्षा अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि स्कूल खुलने पर इसे प्रभावी बनाया जाए।