महोत्सव में नृत्य पेश करतीं कलाकार। संवाद
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बलिया। तीन दिवसीय राष्ट्रीय नाटक समारोह संकल्प रंगोत्सव में दूसरे दिन शनिवार की देर शाम को यूनिकॉर्न एक्टर्स स्टूडियो दिल्ली के कलाकारों ने रूप-अरूप नाटक का मंचन किया। जम्मू से आए लकी गुप्ता ने एकल नाटक मां मुझे टैगोर बना दे की प्रस्तुति की। रंग निर्देशक त्रिपुरारी शर्मा द्वारा लिखित व निर्देशित नाटक रूप-अरूप गहन शोध व समाज को सोचने के लिए विवश करता है। राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय से प्रशिक्षित हैप्पी रणजीत और गौरी देवल ने कमाल का अभिनय किया।
दूसरे नाटक मां मुझे टैगोर बना दे मोहन भंडारी की लिखित और जम्मू कश्मीर के रंग निर्देशक लकी गुप्ता द्वारा निर्देशित व अभिनीत प्रस्तुति ने दर्शकों को भावुक कर दिया। लकी गुप्ता ने अकेले ही एक अंगोछे की सहायता से छात्र, शिक्षक, गांव का मुखिया आदि विभिन्न पात्रों का अभिनय करते हुए मन मोह लिया। वाराणसी से आए लोकगीत गायक दुर्गेश उपाध्याय ने बारहमासा और निमिया के डाढ़ जनि कटिह ए बाबा गीत सुनाया। वहीं, एक्सप्रेशन कल्चरल सोसायटी बलिया द्वारा ट्विंकल गुप्ता के निर्देशन में प्रस्तुत झिंझिया और गोदना नृत्य पर दर्शक झूमते नजर आए। कार्यक्रम का उद्घाटन वरिष्ठ कोषाधिकारी आनन्द दूबे ने किया। आभार संकल्प के सचिव आशीष त्रिवेदी ने व्यक्त किया। संचालन अचिंत्य त्रिपाठी ने किया।