पर्चे लीक होने की जड़ में यह बात है। इस मामले में प्रबंधकों और अध्यापकों, पत्रकारों को तो जिम्मेदार ठहराया जा रहा है, लेकिन स्टैटिक मजिस्ट्रेट के खिलाफ कार्रवाई क्यों नहीं हो रही है। केंद्र निर्धारण में जो भी अधिकारी शामिल हैं, उनकी संपत्ति की जांच की जाए।
ग्रामीण पत्रकार एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष शशिकांत मिश्र ने कहा कि पत्रकारों को जेल भेजना लोकतंत्र की भावना से खिलवाड़ है। इसको पत्रकार बर्दाश्त नहीं करेंगे। आजमगढ़ से आए विनोद सिंह ने कहा कि जिलाधिकारी ने साजिशन व्हाट्सएप पर प्रश्नपत्र मंगवाकर मुकदमा कायम करना सरासर गलत है।
गिरफ्तार तीनों साथियों अजीत ओझा, दिग्विजय सिंह और मनोज गुप्ता की अविलंब रिहाई होनी चाहिए। लवकुश सिंह ने कहा कि नकल उजागर करने वाले पत्रकारों को जेल भेजना अनुचित है। सभा को अखिलानंद तिवारी, रणजीत सिंह जिलाध्यक्ष पत्रकार वेलफेयर सोसायटी, मधुसूदन सिंह, शैलेश सिंह, सुधीर सिंह, मनोज चतुर्वेदी, अजय भारती आदि ने संबोधित किया।
संजय पांडेय, रमाकांत सिंह, जनार्दन सिंह, नरेंद्र मिश्र, संजीव कुमार, राम प्रताप तिवारी, शशिकांत ओझा, अमरनाथ चौरसिया, कंचन सिंह, करुणासिंधु सिंह, अनिल अकेला, मुकेश मिश्र, मतलूब अहमद, संजय तिवारी, शशिकुमार, संतोष सिंह, शकील अहमद, अखिलेश चौधरी, नवल ने भी अपने विचार रखे। अध्यक्षता शशिकांत मिश्र और संचालन हरिनारायण मिश्र ने किया। करुणासिंधु सिंह ने आभार जताया।
बलिया में इंटर अंग्रेजी प्रश्नपत्र लीक होने के मामले की उच्च स्तरीय जांच शुरू हो गई है। माध्यमिक शिक्षा के विशेष सचिव, माध्यमिक शिक्षा शिविर लखनऊ के उपनिदेशक व माध्यमिक शिक्षा प्रयागराज के उप सचिव की टीम ने सोमवार को कई परीक्षा केंद्रों की जांच की।
देरशाम तक टीम जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय में जमी रही और अभिलेखों की पड़ताल करती रही। जिले में 30 मार्च को इंटर अंग्रेजी परीक्षा से घंटों पहले ही पेपर लीक मामले की जांच शासन स्तर से शुरू हो गई थी। मामले में एसटीएफ की भी कार्रवाई जारी है।
सोमवार को माध्यमिक शिक्षा के विशेष सचिव जयशंकर दुबे, माध्यमिक शिक्षा शिविर लखनऊ के उप निदेशक चंद्र प्रकाश यादव और माध्यमिक शिक्षा प्रयागराज के उप सचिव देवव्रत सिंह जिले में पहुंचे और विभिन्न परीक्षा केंद्रों पर जाकर परीक्षा की स्थिति की जांच की।
उच्चाधिकारियों की टीम अपनी रिपोर्ट शासन को देगी। इससे पहले संयुक्त शिक्षा निदेशक आजमगढ़ योगेंद्र सिंह भी पहुंचे थे। बताया जाता है कि अधिकारियों की टीम तत्कालीन जिला विद्यालय निरीक्षक डॉ. ब्रजेश मिश्र से जुड़े मामले को खंगालने में जुटी है।
परीक्षा केंद्रों के निर्धारण में की गई धांधली का भी राज खुल सकता है और इसमें कई की गर्दन फंस सकती है। हालांकि अधिकारी अभी कुछ भी बोलने से बच रहे हैं। इस बाबत जिला विद्यालय निरीक्षक राजकुमार ने बताया कि अधिकारियों की टीम जांच के लिए अभी जिले में है।