बांसडीह क्षेत्र के पर्वतपुर में हो रहा रेगुलेटर का रिसाव बंद के दौरान उपस्थित लोग। वीडियो ग्रै
सरयू नदी के जलस्तर में लगातार हो रहे उतार-चढ़ाव ने नदी किनारे बसे गांवों के लोगों की नींद उड़ा दी है। पर्वतपुर स्थित रेगुलेटर का फाटक खुला होने से तेज रफ्तार से पानी गांवों की ओर बढ़ने की सूचना मिलते ही स्थानीय प्रशासन और बाढ़ नियंत्रण व सिंचाई विभाग के अधिकारी रातभर मौके पर डटे रहे। घंटों की मशक्कत के बाद फाटक को काफी हद तक बंद कर दिया गया, जिसके बाद आसपास के दर्जनों गांवों के ग्रामीणों ने राहत की सांस ली।
नदी का पानी अचानक बढ़ने के बाद पर्वतपुर रेगुलेटर का फाटक खुला होने से तेज बहाव के साथ पानी गांवों की तरफ आने लगा। पानी की चपेट में हजारों एकड़ में खड़ी धान की फसल आने का खतरा भी बढ़ गया। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए उपजिलाधिकारी डॉ. पुष्कर मिश्रा और तहसीलदार नितिन सिंह सहयोगियों के साथ मौके पर पहुंचे। बाढ़ नियंत्रण और सिंचाई विभाग की टीम भी फाटक बंद कराने में जुट गई। उपजिलाधिकारी डॉ. पुष्कर मिश्रा ने बताया कि फाटक को काफी हद तक बंद कर दिया गया है। थोड़ा सा रिसाव है, उसे भी ठीक कर दिया जाएगा।
ईंट, बालू और बांस-बल्लियों से रोका गया पानी
तेज बहाव के कारण फाटक को बंद करने में काफी दिक्कतें आईं। प्रशासन और ग्रामीणों ने मिलकर ईंट, बालू, बांस-बल्लियों और पेड़ों की डालियों की मदद से पानी के बहाव को रोकने का प्रयास किया। रातभर चले अभियान के बाद फाटक काफी हद तक बंद हो गया। इससे गांवों की ओर बढ़ रहे पानी के खतरे में कमी आई है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते फाटक बंद नहीं किया जाता तो हरदत्तपुर, दिवाकरपुर, सारंगपुर, गोडधप्पा, मझवा, कस्बा, नकहरा, केवटलिया, देवडीह समेत दर्जनों गांवों में पानी पहुंच सकता था। साथ ही बड़ी मात्रा में धान की खड़ी फसल भी जलमग्न होने की आशंका थी। प्रशासन और ग्रामीणों की रातभर की सक्रियता से फिलहाल स्थिति को काफी हद तक नियंत्रित कर लिया गया है।