बेल्थरारोड। बाढ़ की विभीषिका का दंश झेल चुके सरयू नदी के तटवर्ती क्षेत्रों में अब लोग गिरते जलस्तर के चलते कटान की समस्या से जूझ रहे हैं। कृषि योग्य उपजाऊ भूमि कट कर नदी की जलधारा में विलीन हो रही है। हालांकि कटान की रोकथाम के लिए चैनपुर ग्राम के सामने टीएस बंधे से सटकर पांच स्पर बनाए गए हैं, फिर भी कटान रुकने का नाम नहीं ले रहा है।
डेंजर जोन में बसने वाले ग्रामों के अस्तित्व पर संकट के बादल मंडराने लगे हैं। कटान के चलते अब तक कितने ही किसान भूमिहीन हो चुके हैं। पिछले एक दशक के दौरान हजारों एकड़ भूमि कट-कट कर नदी में समाहित हो चुकी है। गौरतलब है कि नदी के उस पार देवरिया जिले के बरहज तहसील के तटवर्ती क्षेत्रों में बने ठोकरों से टकराने के बाद नदी की जलधारा सीधे मुड़ते हुए इस पार बलिया जिले के तटवर्ती क्षेत्रों में पहुंचती है। इससे कटान हो रहा है। गुलौरा ग्राम के सामने भूमि नदी में विलीन हो रही है। इसी प्रकार गुलौरा मठिया स्थित प्राचीन शिव मंदिर के आसपास के क्षेत्रों में कटान जारी है। कटान से तटवर्ती लोग परेशान हैं। कटान रोकने की शीघ्र स्थायी व्यवस्था नहीं की गई तो तटवर्ती क्षेत्रों का अस्तित्व समाप्त हो जाएगा।