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इकलौते वारिस की तलाश करने गई पुलिस खाली हाथ लौटी

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बलिया/हल्दी। सोनवानी गांव में हुए तिहरे हत्याकांड के बाद इकलौता वारिस की तलाश में पुलिस टीम बृहस्पतिवार को गोरखपुर गई थी। वहां उसका कोई अतापता नहीं चला और देर रात पुलिस खाली हाथ लौट आई।
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सोनवानी गांव निवासी उमाशंकर सिंह का बड़ा बेटा दिलीप सिंह गोरखपुर में साधु की तरह रहता है। गांव पर कोई उमाशंकर का परिजन रहता तो पुलिस को ज्यादा दिक्कत नहीं होती, लेकिन यहां रह पिता व दो पुत्रों की एक साथ हत्या हो जाने के बाद पुलिस के लिए सिरदर्द बन गया है। छत का ऊपरी हिस्सा व सीढ़ी का रास्ता खुला होने के कारण घर की रखवाली करना पुलिस के लिए चुनौती से कम नहीं है। ऐसे में जब तक दिलीप मिल नहीं जाता तब तक पुलिस की मुश्किलें कम नहीं होंगी। यही कारण है कि हल्दी पुलिस बृहस्पतिवार को पूरे दिन गोरखपुर के विभिन्न मठों व मंदिरों पर जाकर सन्यासियों से साधू बाबा बने दिलीप सिंह को लेकर जानकारी प्राप्त करने में लगी रही। जगह जगह संतों व उनके शिष्यों से दिलीप सिंह की परिवारिक परिस्थितियों से अवगत कराया व निवेदन किया कि कहीं वह मिले तो थाने के मोबाइल नंबर पर जरुर सूचना दें।
पुलिसकर्मी आसमान तले बिता रात-दिन
हल्दी। उमाशंकर सिंह के घर व उनके चचेरे भाई उदय सिंह के दरवाजे पर पुलिस चौथे दिन भी तैनात रही। उमाशंकर का मकान निर्माणाधीन होने के कारण बाहर बरामदा या छप्पर आदि नहीं है। ऐसे में पुलिस को खुले आसमान तले रात-दिन बिताना पड़ रहा है। अमरुद के पेड़ हैं लेकिन उनके नीचे ज्यादा छांव नही ंहोती है। ग्रामीण इस कदर भयभीत हैं कि कोई उधर बुलाने पर भी नहीं जाता है। क्षेत्राधिकारी बैरिया अशोक कुमार मिश्र ने बताया कि हल्दी के साथ ही अलग अलग थानों से इंस्पेक्टर व एक उप निरीक्षकों की ड्यूटी अगले आदेश तक लगाया गया है जो अलग अलग शिफ्ट में 24 घंटे रहेंगे।
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