बैरिया। बाढ़ से बचाव के लिए 98 करोड़ से ज्यादा खर्च कर कराए गए कटानरोधी काम नदी के वेग के सामने कमजोर साबित हो रहे हैं। गोपालपुर टाड़ी, गोपालनगर, वशिष्ठ नगर में सात दिन में 15 से ज्यादा लोगों के मकान में नदी में समा गए।
गोपालनगर-वशिष्ठ नगर सिवान में वह पीपल का पेड़ भी सोमवार को नदी में समा गया, जिसके नीचे कटानरोधी कार्यों को लेकर ग्रामीण धरने पर बैठे थे। हालांकि कटान पीड़ितों का धरना जारी रहा। उत्तरी दियरांचल के गोपाल नगर, वशिष्ठ नगर, गोपाल नगर टाड़ी, शिवाल मठिया गांव के सामने सरयू नदी से लगातार कटान हो रही है। गोपाल नगर टाड़ी में रामनाथ यादव, देवनाथ यादव, संतोष यादव सहित छह लोगों के मकान कटान के मुहाने पर हैं। वहीं, गोपाल नगर टाड़ी में प्राथमिक पाठशाला कटान के मुहाने पर पहुंच गया है।
वशिष्ठ नगर, गोपालनगर सिवान पर कटान तेज है। लगातार बस्ती की दूरी नदी से कम होती जा रही है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि तहसील प्रशासन का कोई भी अधिकारी अभी तक वशिष्ठ नगर व गोपाल नगर का हाल जानने के लिए मौके पर नहीं पहुंचा है।
रिंग बंधे की मरम्मत न होने से ग्रामीणों में नाराजगी: जयप्रकाश नगर। विकास खंड मुरली छपरा क्षेत्र के इब्राहिमाबाद नौबरार अठगावा को सरयू नदी की बाढ़ से सुरक्षित रखने के लिए बनाए गए रिंग बंधे की मरम्मत लंबे समय से नहीं होने पर ग्रामीणों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। इसे लेकर ग्रामीणों ने गांव के दुर्गा मंदिर पर बैठक कर सिंचाई (बाढ़) विभाग के प्रति नाराजगी जताई।
ग्रामीणों का कहना है कि पिछले एक वर्ष के दौरान रिंग बांध पर कई स्थानों पर रेन कट हो चुके हैं। वहीं, एक स्थान पर लगभग 15 मीटर हिस्से में लगाए गए जियो बैग और जियो शीट बह चुकी हैं। इसकी सूचना कई बार संबंधित अधिकारियों को दी गई, लेकिन अब तक मरम्मत कार्य शुरू नहीं कराया गया। बैठक में ग्रामीणों ने विभाग से तत्काल क्षतिग्रस्त हिस्सों की मरम्मत कराने तथा रिंग बांध को पूरी तरह सुरक्षित करने की मांग की। बैठक में ग्राम प्रधान रामनरेश चौधरी, भगवान सिंह ,मंगलेश्वर पाण्डेय ,सुनील सिंह, सोनू सिंह, पप्पू सिंह, दिनेश यादव, सीताराम बिंद, राजन पासवान, रघुनाथ बिंद, वीर बहादुर राम, सुदामा तुरहा समेत दर्जनों ग्रामीण उपस्थित रहे।