इंदरपुर। नगरा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के बगल में नवनिर्मित 50 शय्या के अस्पताल को लोकार्पण का इंतजार है। एक करोड़ से अधिक धनराशि खर्च कर ईसीआरपी के तहत निर्मित इस सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में 50 बेड लगे हैं। करीब आठ माह पहले यह भवन बन कर तैयार हो गया है। रंगाई-पुताई भी हो गई है। कार्यदायी संस्था ने स्वास्थ्य विभाग को भवन हस्तांतरित भी कर दिया, लेकिन उच्चाधिकारियों की उदासीनता से अब तक इसका लोकार्पण नहीं हो सका।
जब से यह भवन बना है तभी से इसमें ताला लटका हुआ है। लेकिन अब यह रील बनाने का अड्डा बन गया है। इस अस्पताल के भवन के दरवाजे इतने कमजोर हैं कि शोहदे उसे खोलकर रील बनाते हैं। गत महीने भवन में चोरी भी हुई थी। चोरों ने पहले मुख्य गेट पर लगे ताले को तोड़ा फिर पीछे के गेट को धक्का देकर खोल दिया। इसके बाद कई नल तोड़कर ले गए। दो पंखे भी चुरा ले गए। अस्पताल के अधीक्षक डाॅ. ब्रजेश राय ने पुलिस को चोरी की तहरीर भी दी, लेकिन अब तक आरोपी पकड़े नहीं गए। समाजसेवी क्रांति यादव का कहना है कि जनहित में नवनिर्मित अस्पताल का लोकार्पण आवश्यक है। जब तक अस्पताल की चहारदीवारी नहीं बनेगी तब तक ऐसी घटनाएं होती रहेंगी। अरविंद कुमार गुप्ता का कहना है कि लोकार्पण में अधिकारी जानबूझ कर लापरवाही बरत रहे हैं। यदि 50 शय्या के इस अस्पताल को चालू करा दिया जाए तो क्षेत्र के मरीजों को काफी लाभ मिलेगा।
अस्पताल के लोकार्पण व चहारदीवारी के लिए मुख्य चिकित्साधिकारी को पत्र भेजा गया है। उनकी स्वीकृति मिलते ही अस्पताल का लोकार्पण करा दिया जाएगा। चहारदीवारी के अभाव में चोरी की घटनाएं हो रहीं हैं। - डाॅ. ब्रजेश राय, अधीक्षक, सीएचसी नगरा