कई महीने से मानदेय नहीं मिलने से नाराज रसोइयों ने बुधवार को कलेक्ट्रेट पर जोरदार प्रदर्शन किया। रसोइयों ने हाथों में बेलन और पल्टा पकड़ रखे थे। इस दौरान बेसिक शिक्षा मंत्री, जिलाधिकारी सहित आला अफसरों के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और अपनी भड़ास निकाली। कहा कि मानदेय नहीं दिया गया तो व्यापक आंदोलन किया जाएगा, जिसकी सारी जिम्मेदारी जिला प्रशासन की होगी।
राष्टीय मध्याह्न भोजन रसोइया फ्रंट के राष्ट्रीय महासचिव रामकृपाल के नेतृत्व में सैकड़ों की संख्या में रसोइयां बापू भवन टाउन हाल से रैली निकालकर नगर भ्रमण करते हुए कलेक्ट्रेट पहुंची, जहां डीएम कार्यालय और सिटी मजिस्ट्रेट के कार्यालय को घेर कर जमकर नारेबाजी की। धरना सभा को संबोधित करते हुए रसोइया संघ की जिलाध्यक्ष चमेली सिंह ने कहा कि सरकार रोज-रोज नए नियम निकालकर रसोइयों के हक पर कुठाराघात कर रही है। कहा कि अधिकांश रसोइयों को डेढ़ से दो साल का मानदेय नहीं दिया गया है। चयन प्रक्रिया में रसोइयों को फंसाया जा रहा है। रसोइयों के लिए विधवा परित्यक्ता को वरीयता दिया गया है। लेकिन यह भी शर्त है कि उसका पाल्य उसी विद्यालय में पढे़गा। कहा कि विधवा और परित्यक्ता अपना बच्चा कहा से ले आए। भीमपुरा में शिक्षक सम्मान सम्मेलन में आए बेसिक शिक्षा मंत्री ने कहा था कि रसोइयां खाना बनाने एवं अतिथियों का स्वागत करें। आप लोगों की हर मांगें पूरी की जाएंगी, लेकिन अब तक एक भी मांग पूरी नहीं की गई। कहा कि अब अखिलेश सरकार एमडीएम योजना को एनजीओ के हाथों सौंपने का कुचक्र रच रही है, जिसका पुरजोर विरोध करेंगे। रामकृपाल ने कहा कि वर्तमान समय में रसोइया बंधुआ मजदूर से भी बदत्तर है। इस मौके पर रीता देवी, पुष्पा यादव, सुशीला देवी, विजय, सीताराम, धर्मशीला, सरिता, फूला देवी, गीता देवी, शिवनाथ, विजेंद्र, आशा, निजामुद्दीन आलम आदि मौजूद रहे।