बलिया। गंगा और सरयू नदी के जलस्तर में लगातार हो रही बढोतरी ने तटवर्ती लोगों के साथ ही प्रशासन की नींद उड़ा रखी है। हालांकि अभी कहीं बाढ़ के हालात नहीं है, लेकिन बढ़ते जलस्तर से इसकी संभावना से इंकार नहीं किया जा सकता है। दोनों ही नदियों का जलस्तर बढ़ने से निचले इलाकों में पानी भरने लगा है।
गायघाट गेज पर गंगा नदी का जलस्तर मंगलवार शाम को 53.650 मीटर दर्ज किया गया। सुबह यह 53.630 पर था। यहां खतरा बिंदु 57.615 है। अभी नदी के जलस्तर में बढ़ाव की संभावना जताई जा रही है। रेवती के चांदपुर गेज पर सोमवार शाम चार बजे खतरा बिंदु 58 मीटर को पार करते हुए सरयू नदी 58.01 पर बह रही थी। मंगलवार को 24 घंटे में 10 सेंटीमीटर का बढ़ाव दर्ज करते हुए खतरा विंदु से 11 सेमी ऊपर बह रही थी। नदी के बढ़ते तेवर के कारण बंधा को सुरक्षित रखने के बाबत चल रहा काम अभी पूरा नहीं हो सका है। इसको लेकर बंधा के डेंजर जोन से सटे बसे तीलापुर वासियों में दहशत बढ़ने लगी है। तीलापुर के लोगों का कहना है कि काम यदि तेज गति से हुआ होता तो अब तक पूरा हो गया होता। यही स्थिति रही तो बंधा नदी के खतरनाक तेवर के जद में होगा। गांव के पूर्व प्रधान धनजी यादव, राम सिंहासन यादव, बबलू यादव, संजय यादव, हरिशंकर सिंह, छोटे यादव सहित उक्त गांव के ग्रामीणों ने बंधे के कार्य को लेकर चिंता जताई है।
बेल्थरारोड में सरयू नदी के जलस्तर में उतार-चढ़ाव का सिलसिला जारी है। पिछले 24 घंटे से नदी के पानी में स्थिरता के बाद घटाव का क्रम शुरू हो इससे बाढ़ की संभावना फिलहाल कम हो गई है। केंद्रीय जल आयोग के अनुसार मंगलवार की शाम जलस्तर 64.390 मीटर रिकॉर्ड किया गया, जो खतरे के निशान 64.010 से 38 सेंटीमीटर अधिक है। आयोग का कहना है कि पिछले सोमवार की शाम से नदी में घटाव शुरू हो गया है। आयोग ने अगले 24 घंटे में जलस्तर में और घटाव होने का पूर्वानुमान किया है। फिर भी नदी का पानी लाल निशान से अभी भी 38 सेंटीमीटर ऊपर बह रहा है। जलस्तर में अगर वृद्धि हुई तो बाढ़ की संभावना से इंकार नहीं किया जा सकता। हाहानाला टगुनिया राजभर बस्ती से लेकर चैनपुर गांव के सामने बंधे के नीचे सतह से दो फुट ऊपर तक पानी पहुंच गया है। तटवर्ती गुलौरा मल्लाह बस्ती, यादव बस्ती तथा तुर्तीपार के रिहायशी क्षेत्रों की ओर पानी बढ़ रहा है। बंधा और नदी के बीच कई किलोमीटर भूभाग बाढ़ के पानी में डूब गया है। तुर्तीपार, हाहानाला और हल्दीरामपुर रेगुलेटरों पर पानी का दबाव बढ़ गया है। उधर, संभावित बाढ़ के खतरे से निपटने के लिए प्रशासन ने जरूरी एहतियाती उपाय कर लिए हैं। उपजिलाधिकारी सर्वेश कुमार ने बताया कि बाढ़ को लेकर प्रशासन अलर्ट है। तटवर्ती क्षेत्रों में बाढ़ चौकियां स्थापित कर नदी की प्रकृति की निगरानी की जा रही है।
एसडीएम ने किया ड्रेजिंग कार्य का निरीक्षण
बैरिया। एसडीएण अभय कुमार सिंह मंगलवार को राजस्व टीम के साथ गंगा में आने वाली संभावित बाढ़ के दृष्टिगत गंगा पार नौरंगा में जाकर ड्रेजिंग कार्य की प्रगति का निरीक्षण किया। गंगा नदी के उस पार स्थित तहसील बैरिया के राजस्व ग्राम पांडेयपुर पहुंचे। कार्यदायी संस्था उत्तर प्रदेश प्रोजेक्ट कॉर्पोरेशन लिमिटेड के कर्मचारी एवं अधिकारी से बातचीत कर प्रगति की जानकारी ली। कार्य को शीघ्र पूरा करने का निर्देश दिया। काश्तकारों से वार्ता के दौरान उपजिलाधिकारी ने अपील की कि समाज हित को स्वहित से ऊपर रखें ताकि ड्रेजिंग के कार्य शीघ्रातिशीघ्र पूर्ण हो सके। हूक़ुमछपरा, रामगढ़, दुबेछपरा, दयाछपरा एवं एनएच 31 को गंगा नदी की संभावित कटान से बचाया जा सके। प्रतिनिधिमंडल ने उपजिलाधिकारी के समक्ष मांग रखी कि ड्रेजिंग के इस कार्य को अतिशीघ्र पूर्ण कराया जाए।