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Ballia News: आग में 40 घरों के 73 परिवारों के सपने राख, दस्तावेज भी जले

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नगर में धूप से बचने के लिए चेहरा ढककर अपने गंतव्य को जाती युवतिया।संवाद
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बलिया/चौकियामोड़/ बेल्थरारोड । बेल्थरारोड तहसील के हल्दीरामपुर के छपिया टोला में शनिवार को लगी आग से पीड़ितों को 20 घंटे बाद भी प्रशासनिक सहायता न के बराबर मिली। आधा गांव लगभग 130 में से 73 लोगों के मकान और झोपड़ियां आग में जली हैं। 10 मकान और 100 से ज्यादा झोपड़ियां जली थीं।
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हल्दी रामपुर के हल्का लेखपाल राजीव गिरी ने बताया कि अब तक सर्वे में करीब 40 घर और 73 परिवार आग लगने से प्रभावित हुए हैं। शासन की ओर से सहायता राशि दिए जाने की बात कही गई है लेकिन आग में जरूरी दस्तावेज और बैंक से जुड़े कागजात जल जाने के कारण सहायता राशि पहुंचाने में भी दिक्कत आ रही है। पीड़ित बैंक सहित अन्य दस्तावेज देने में असमर्थता जता रहे हैं। भीषण गर्मी व लू के बीच पीड़ित पेड़ के नीचे जमे रहे।
दूसरे दिन रविवार को महिलाएं जले हुए घरों की राख में अपने सपनों के अवशेष खोजती हुई रोती-बिलखती नजर आईं। हर तरफ अग्नि पीड़ितों की रोने बिलखने की रोना सुनाई दे रहा था। उधर प्रशासन की ओर से 25 हैंडपंप की मरम्मत में मिस्त्री लगे थे। प्रशासन की तरफ से अस्थाई वाटर टैंकर मंगाए गए थे। राजू राजभर, मनोज एवं जितेंद्र समेत तीन परिवार के करीब 12 सदस्यों ने पंचायत भवन के कमरे में आश्रय लिया। प्रधान अनंतदेव सिंह के देखरेख में रात में अग्नि पीड़ितों को खिचड़ी की व्यवस्था की गई थी। रविवार सुबह प्रधान के साथ समाजसेवी व जनप्रतिनिधि की मदद से दाल-चावल खिलाया गया।
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आग से घायल महिला की हालत गंभीर, वाराणसी रेफर: अग्नि पीड़ित रितेश राजभर ने बताया कि उनके पिता बेचन राजभर एवं दीदी कंचन देवी दोनों झुलस गई हैं। कंचन देवी की हालत गंभीर है। चिकित्सक ने वाराणसी रेफर कर दिया है। वहां पर इलाज चल रहा है। अग्नि पीड़ित दिव्यांग सुनील राजभर ने बताया कि अबतक के जीवन काल के समय का सबसे कठिन रात रही है। पूरी रात नींद न आ सकी। खुले आसमान के नीचे आंख बंद कर सोने की भरपूर कोशिश की लेकिन सामने आग लगी की तबाही का मंजर आंखों से ओझिल नहीं हो रहे था।
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