फेफना क्षेत्र के वायना गांव में काफी दिनों से चला आ रहा रास्ते का विवाद प्रशासन ने सुलझा दिया। बुधवार को बुल्डोजर चलाकर विवादित रास्ते से अतिक्रमण हटवाया गया। इस दौरान वायना गांव छावनी में तब्दील हो गया। हालांकि एक पक्ष ने प्रशासन पर एक पक्षीय कार्रवाई का आरोप लगाया है।
फेफना थानाक्षेत्र के वायना गांव निवासी शिवजी सिंह, मदन सिंह और मुन्ना सिंह का गांव के दलित वर्ग से काफी दिनों से रास्ते का विवाद चल रहा था। दलितों ने एक पखवाड़े तक कलेक्ट्रेट में रास्ते की मांग को लेकर धरना भी दिया था। रविवार को दोनों पक्षों में मारपीट भी हुई थी।
मामले की गंभीरता को देखते हुए बुधवार को प्रशासन की उपस्थिति में रास्ते के विवाद को हल किया गया। इस दौरान प्रशासन ने बुल्डोजर से रास्ते पर हुए अतिक्रमण को हटवाया। इस दौरान एसडीएम बच्चा लाल मौर्य, सीओ सदर पीयूष कुमार सिंह, फेफना एसओ श्यामजी यादव, नरहीं थानाध्यक्ष संत लाल यादव, महिला थाने की एसओ संध्या सिंह और पुलिस और पीएसी के जवान तैनात रहे।
रास्ता साफ कराने के बाद एहतियात के तौर पर गांव में पीएसी तैनात कर दी गई है। प्रशासन की इस कार्रवाई को गांव के अजय सिंह, मदन सिंह, गौतम सिंह और प्रधान प्रतिनिधि मुन्ना सिंह ने पक्षपातपूर्ण बताया। कहा कि पहले से एसडीएम से मौखिक समझौता हुआ था।
उसके मुताबिक दोनों पक्षों को पांच-पांच फीट जमीन देकर 10 फीट का रास्ता छोड़ना था। लेकिन प्रशासन ने वादाखिलाफी करते हुए एक पक्ष की जमीन जबरन छोड़वा दी। इसके विरुद्ध हम लोग कोर्ट की शरण में जाएंगे। इस बाबत एसडीएम बच्चा लाल मौर्य ने बताया कि रास्ते के विवाद को हल कर दिया गया है। यदि कोई पक्षपात का आरोप लगा रहा है तो गलत है।