बलिया/पंदह। खेजुरी थाना क्षेत्र के मासूमपुर चौरसिया दंपती की हत्या टोना-टोटके के चक्कर में हुई थी। आरोपी सोखा (तांत्रित) के कहने पर दंपती को अपने माता-पिता की मौत का कारण मानता था। आरोपी पहले भी हत्या के अन्य मामले में सजा पा चुका है और हाईकोर्ट से जमानत पर था। एसओजी और खेजुरी पुलिस की संयुक्त टीम ने मासूमपुर डबल मर्डर का खुलासा कर मुख्य आरोपी सहित चार को गिरफ्तार कर लिया है।
पुलिस लाइन के सभागार में मंगलवार को एसपी ओमवीर सिंह ने हत्याकांड का खुलासा करते हुए हत्या में शामिल अखिलेश चौरसिया, शिवानंद चौरसिया व सोखा अशोक वर्मा निवासी मासूमपुर, नंदजी पासवान निवासी हथौज को मीडिया के सामने पेश किया। इनकी निशानदेही पर हत्या में प्रयुक्त चाकू बरामद कर लिया।
एसपी ने बताया कि आरोपी अखिलेश चौरसिया मृतक श्यामलाल के खानदान का ही सदस्य है। अखिलेश के माता-पिता की मौत 2009 में हुई थी। सोखा के चक्कर में उसका मानना था कि श्यामलाल के टोने-टोटके के कारण उसके माता-पिता की मौत हुई थी। इसका बदला लेना चाहता था।
आरोपी 2020 में गांव में पहले भी डबल मर्डर कर चुका है। इसमें उसे जिला न्यायालय से 10 वर्ष की कैद हुई थी। वो हाईकोर्ट से जमानत पर है। 25 जनवरी को जेल से बाहर निकला था। जेल में रहते हुए पुलिस से बचने का तरीका सीखा था। एसपी ने बताया कि नौ फरवरी की शाम आरोपी अखिलेश बातचीत करने के लिए श्यामलाल के यहां पहुंचा था।
उसी दौरान अचानक गर्दन पर चाकू से हमला कर दिया। बीच बचाव करने पहुंची श्यामलाल की पत्नी की गर्दन पर भी चाकू से हमला कर भाग निकला। हत्याकांड में पुलिस की पकड़ से बचने के लिए हत्या से पहले ही मोबाइल बंद कर छिप गया था। जांच में परिजनों से कोई सहयोग न मिलने और मृतक का किसी के साथ विवाद न होने के कारण खुलासे में परेशानी आ रही थी।
पुलिस सर्विलांस और सीसी कैमरे की मदद तथा ग्रामीणों से पूछताछ के बाद पूर्व में डबल मर्डर करने वाले अखिलेश का रिकाॅर्ड खंगालने लगी। काॅल डिटेल व उसके निवास के आसपास के सीसी कैमरे खंगालने के बाद अहम सुराग हाथ लगे। इसके आधार पर उसे गिरफ्तार किया गया। कड़ाई से पूछताछ के बाद हत्या में सहयोग करने वाले शिवानंद और दो सोखाओं का नाम बताया। पुलिस ने सभी को गिरफ्तार किया। एसपी ने बताया कि सोखा के कहने के कारण हत्या को अंजाम दिया गया है। इस कारण दोनों सोखाओं को भी गिरफ्तार किया गया है। हत्या का खुलासा करने वाली टीम को उपमहानिरीक्षक आजमगढ़ परिक्षेत्र ने 50 हजार का पुरस्कार देने की घोषणा की है।
सीसी कैमरे और सर्विलांस की मदद से आरोपी की गिरेबां तक पहुंची खाकी
डबल मर्डर करने वाला मुख्य आरोपी अखिलेश चौरसिया जेल में अपराधियों के साथ रहने के दौरान पुलिस से बचाव के तौर तरीका सीखा था। हत्या से पहले और बाद तक उसने अपना मोबाइल बंद रखा था ताकि जांच में घटना स्थल पर उसकी लोकेशन न दिखे। अखिलेश शहर में जिस कालोनी में रहता था, वहां के सीसी कैमरे की जांच के दौरान घटना के समय घर से निकलते समय जो शर्ट पहन का निकला था, तीन घंटे बाद लौटने पर वह शर्ट नहीं पहनी थी। इसी को आधार बनाकर पुलिस ने कड़ाई से पूछताछ की तो टूट कर हत्या करना स्वीकार किया।