बलिया। एमएलसी रविशंकर सिंह पप्पू ने विधान परिषद में नियम 115 के तहत जिले में तैनात डीआइओएस के मामले काे उठाया। साथ ही डीआइओएस को पद से कार्यमुक्त करने की मांग की।
आरोप लगाया कि बेसिक शिक्षा विभाग के तहत जनपद- हापुड़ में तत्कालीन समय तैनात जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी द्वारा अपने पद का दुरूप्रयोग करने पर वित्तीय अनियमितताओं व भ्रष्टाचार की जांच करायी गई थी। जिसमें अधिकारी द्वारा जांच आख्या के आधार पर अपचारी अधिकारी के खिलाफ चार आरोप सिद्ध पाए जाने की संस्तुति की गई थी।
जिस पर शासन द्वारा निर्णय लेते हुए तत्कालीन जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी, हापुड़ को उनके मूल पद के मूल वेतनमान पर प्रत्यावर्तित किए जाने का दंड विनिश्चय करते हुए अपने पत्र के माध्यम से लोक सेवा आयोग प्रयागराज से सहमति व अभिमत उपलब्ध कराए जाने के लिए प्रेषित किया गया था।
रिपोर्ट के आधार पर तद्पश्चात उन्हें मूल पद के मूल वेतन पर प्रत्यावर्तित किया गया। ऐसे में उन्हें जिला विद्यालय निरीक्षक बलिया के पद पर बने रहने का कोई औचित्य नहीं है। ऐसे में तत्काल प्रशासनिक आधार पर उन्हें उक्त पद से कार्यमुक्त कराते हुए स्थानांतरित किया जाए। इस बावत डीआइओएस देवेंद्र गुप्ता ने कहा कि पद पर बने रहने का निर्णय शासन का है। अभी मेरे द्वारा 179 फर्जी नियुक्ति पर मुकदमा कायम कराया गया है। इसकी एसआइटी जांच का शासन ने आदेश दिया है। संबंधित विद्यालयों के मैनेजर व प्रधानाध्यापकों पर भी जल्द कानूनी कार्रवाई की जाएगी।