बलिया। जिले में गेहूं क्रय केंद्रों पर किस तरह की मनमानी हो रही है, इसका नजारा जिले के जाम गांव में बने क्रय केंद्र पर साफ नजर आया है। यहां बिचौलियों से मिलकर क्रय केंद्रों के प्रभारी अधिकारियों पर भी भारी पड़ रहे हैं। क्रय केंद्र पर जाने का टोकन मिलने के बाद एक किसान 36 घंटे तक दो ट्रैक्टर-ट्रालियों में गेहूं लेकर केंद्र पर खड़ा रहा, लेकिन केंद्र प्रभारी ने गेहूं का तौल नहीं किया। किसान की ओर से डीएम के यहां की गई शिकायत के अनुसार मामला डिप्टी आरएमओ तक पहुंचा तो उन्होंने एसएमआई को जांच के लिए मौके पर भेजा, लेकिन तब तक केंद्र प्रभारी ने वहां बिचौलियों और क्षेत्रीय किसानों की भीड़ जुटा ली। लोगों की भीड़ देखकर अधिकारी भी सहम गए और किसान को दूसरे केंद्र पर गेहूं की तौल का आश्वासन देकर लौटा दिया। उधर, दूसरे केंद्र पर भी किसान के गेहूं की तौल यह कहकर नहीं की गई कि अभी बोरा उपलब्ध नहीं है, खरीद होते ही गेहूं तौल लिया जाएगा।
रसड़ा तहसील के उचेड़ा गांव के किसान विनोद यादव के अनुसार उन्होंने गेहूं खरीद के लिए रजिस्ट्रेशन किया तो उनके मोबाइल पर मैसेज आया कि 28 अप्रैल को जाम गांव में बने पीसीएफ के गेहूं क्रय केंद्र पर पहुंच जाएं। विनोद यादव ने अपनी उपज का गेहूं दो ट्रैक्टर-ट्रालियों पर लोड किया और 28 अप्रैल को दिन में लगभग एक बजे केंद्र पर पहुंच गए। वहां क्रय केंद्र प्रभारी शमीम ने कहा कि अब इलाके का निर्धारण हो गया है, इसलिए आपके गेहूं का क्रय नहीं किया जाएगा। जब विनोद ने इसकी जानकारी डिप्टी आरएमओ अविनाश को दी तो उन्होंने केंद्र प्रभारी से बात की ओर टोकन जारी होने के अनुसार खरीदारी करने को कहा, लेकिन केंद्र प्रभारी ने उनकी भी नहीं सुनी और गेहूं की खरीद से इंकार कर दिया। इसके बाद डिप्टी आरएमओ ने मौके पर एसएमआई शीतला प्रसाद सरोज को जांच के लिए मौके पर भेजा।
एसएमआई श्री सरोज के अनुसार डिप्टी आरएमओ के निर्देश पर जब वे केंद्र पर पहुंचे तो वहां तीस से चालीस की संख्या में लोग खड़े थे। वे सभी अपने आपको लोकल किसान बता रहे थे। उनका आरोप था कि केंद्र पर उनके गेहूं की खरीद नहीं की जा रही है और दूसरे क्षेत्र के किसानों को टोकन दे दिया जा रहा है। जब तक उनके गेहूं की खरीद नहीं की जाती वे केंद्र पर बाहर के किसान का गेहूं नहीं तौलने देंगे। उन्होंने बताया कि मौके पर मौजूद लोगों की भावनाओं का ध्यान रखते हुए किसान विनोद का गेहूं तौलने के लिए मटिही स्थित एग्रो के क्रय केंद्र का टोकन 30 अप्रैल की डेट में दिलवाया और केंद्र पर जुटे लोगों से कहा कि वे लोग आनलाइन रजिस्ट्रेशन करें, उनके भी गेहूं की तौल कराई जाएगी। हालांकि किसान विनोद का कहना है कि जब डिप्टी आरएमओ से केंद्र प्रभारी की बहस हुई तो इसके बाद उसने अधिकारियों पर दबाव बनाने के लिए मौके पर बिचौलियों व क्षेत्र के लोगों की भीड़ जुटा ली थी।
दूसरे केंद्र पर भी नहीं हो सकी तौल
किसान विनोद ने बताया कि जब उन्हें दूसरा मैसेज मटिही के केंद्र पर जाने के लिए आया तो उन्होंने 30 अप्रैल को केंद्र प्रभारी को फोन किया। केंद्र प्रभारी ने बताया कि अभी केंद्र पर बोरा नहीं उपलब्ध है। बोरा की खरीद होते ही आपके गेहूं की खरीद कर ली जाएगी। इस मामले में एसएमआई शीतला प्रसाद ने बताया कि बोरा की कमी नहीं है। मटिही के केंद्र का आईडी-पासवर्ड 29 अप्रैल को ही जनरेट किया गया है। उसकी प्रक्रिया लगभग पूरी हो चुकी है और डिप्टी आरएमओ के यहां से स्वीकृति के बाद एक मई से केंद्र पर गेहूं की खरीद शुरू हो जाएगी।
इस समय जिले में गेहूं खरीद के लिए टोकन सिस्टम लागू किया गया है। इसके हिसाब से किसान को मिले टोकन के अनुसार क्रय केंद्र पर गेहूं की खरीद की जानी चाहिए थी, लेकिन केंद्र प्रभारी ने ऐसा करने से इंकार कर दिया। मौके पर एसएमआई को भेजा गया था। इसके बाद भी केंद्र प्रभारी द्वारा यह कहते हुए गेहूं की खरीद नहीं की गई कि स्थानीय लोग विरोध कर रहे हैं।
अविनाश, डिप्टी आरएमओ, बलिया
मामले की जानकारी अभी मुझे नहीं है। आपके माध्यम से जानकारी हुई है। यदि ऐसा है तो डिप्टी आरएमओ से पूरे मामले की डिटेल तलब की जाएगी। यदि केंद्र प्रभारी ने शासन के निर्देशों की अवहेलना की है तो मामले की जांच कराकर उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
श्रीहरि प्रताप शाही, जिलाधिकारी