सहतवार (बलिया) । सिंगही गांव से पांच दिन पहले लापता हुए बालक अभिषेक प्रजापति (10) का शव शनिवार की शाम काे टीएस बंधा भोज छपरा के पास सरयू नदी में उतराया मिला। भोज छपरा से सिंगही की दूरी 6 किलोमीटर है, ऐसे में परिजनों ने आरोप लगाया कि अभिषेक की हत्या कर बदमाशों ने नदी में लाकर शव फेंक दिया। शव को देखकर स्थानीय लोगों ने पुलिस को सूचना दी।
शव मिलने के 12 घंटे बाद भी कोई कार्रवाई नहीं होने पर नाराज परिजनों के साथ ग्रामीणों ने सहतवार थाने का रविवार को घेराव किया। हाथों में अभिषेक की तस्वीर और कार्रवाई की मांग की तख्ती लेकर नारेबाजी की और थाना परिसर में बैठ गए। बांसडीह एसडीएम अभिषेक प्रिय दर्शनी, सीओ जयशंकर मिश्र मौके पर पहुंचे और कार्रवाई का आश्वासन देकर धरना समाप्त कराया। करीब दो घंटे तक थाना परिसर में गहमा-गहमी रही। सुरक्षा के लिए चार थानों की पुलिस मौके पर बुलानी पड़ी।
सहतवार के थानाध्यक्ष अनिल सिंह ने बताया कि सिंगही गांव निवासी चंदन प्रजापति का पुत्र अभिषेक प्रजापति 25 जनवरी को दोपहर बाद घर से खेलने के लिए निकला था। देर शाम तक घर न पहुंचने पर परिजनों ने गांव व आसपास के दोस्तों के यहां खोजबीन की। लेकिन वह नहीं मिला। तब दादा नंद बिहारी प्रजापति ने पुलिस से शिकायत की। अपहरण की प्राथमिकी दर्ज कर खोजबीन की जा रही थी। पांचवें दिन शाम को भोज छपरा बस्ती के सामने सरयू नदी किनारे बालक का शव उतराया देख ग्रामीणों ने पुलिस को सूचना दी। मौके पर जाकर शव को नाविकों की मदद से बाहर निकलवाया गया। बालक की शिनाख्त अभिषेक के रूप में हुई। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया।
इस बाबत बांसडीह सीओ जयशंकर मिश्र ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आते ही आगे की कार्रवाई की जाएगी। शांति व्यवस्था को लेकर गांव में पुलिस तैनात है।
बेटे के लापता होने की सूचना पर कटरा से घर पहुंचे पिता
चंदन प्रजापति जम्मू के कटरा में प्राइवेट नौकरी करते हैं। घर पर पिता नंद बिहारी और मां कांति देवी के साथ पत्नी आशा देवी बेटे अभिषेक व तीन लड़कियों का पालन पोषण करती थीं। अभिषेक गांव के ही एक निजी स्कूल में कक्षा दो में पढ़ता था। बेटे की गुमशुदा होने की खबर पर चंदन कटरा से 27 जनवरी को गांव पहुंचे। शनिवार की शाम करीब पांच बजे पुलिस ने भोज छपरा में शव मिलने की सूचना दी तो वह मौके पर पहुंचे। बेटे का शव देखकर धाडे़ मारकर बिलखने लगा। शव की हालत देख हत्या कर नदी में फेंकने की बात कही। शव की जीभ बाहर व नाक से खून निकलने के दाग थे। ग्रामीणों ने शव की हालत देख कहा कि तीन-चार दिन पहले हत्या कर शव फेंका गया होगा। पिता चंदन प्रजापति ने उच्च अधिकारियों से गुहार लगाई कि पुत्र के हत्यारोपी को जल्द से जल्द गिरफ्तारी कर उनको फांसी की सजा दी जाए।
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मोदी कह कर पुकारते थे
पिता ने बताया कि अभिषेक तीन बहनों में बड़ा था। परिवार वाले प्यार से उसे मोदी कह कर पुकारते थे। मां आशा देवी व तीन बहनों पायल, कोमल, पलक कुमारी व दादी कांति देवी का रोते-रोते बुरा हाल है। इकलौते बेटे की हत्या से मां की हालत पागलों जैसी हो गई है।
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मां ने समझा दोस्तों के साथ खेल रहा होगा
25 जनवरी को अभिषेक के काफी देर तक नहीं लौटने पर दादी कांति देवी उसकी तलाश करने लगीं। मां आशा देवी ने कहा कि रोज की भांति दोस्तों के साथ खेल रहा होगा। जब अंधेरा छाने के बाद भी घर नहीं आया तो मां व दादी को चिंता सताने लगी। दादा नंद बिहारी आसपास के घरों व गांव में खोजने लगे। धीरे-धीरे गांव के सभी लोग आसपास के खेतों व टोले में उसकी खोजबीन करने लगे। रात करीब नौ बजे नंद बिहारी ने सहतवार थाना पहुंचकर पुलिस को तहरीर दी।