शहर से सटे कटहल नाला पुल का एप्रोच मार्ग मरम्मत के बाद भी लगातार खिसकता जा रहा है। रविवार को ढलाई वाला हिस्सा नीचे खिसक गया और साइड वॉल भी टेढ़ा हो गया। बगल में नए पुल के निर्माण में जुटी कार्यदायी संस्था ने मिट्टी भरी बोरियां डलवाईं लेकिन फायदा नहीं हुआ। इससे 300 से ज्यादा बड़े वाहनों का आवागमन प्रभावित हुआ है।
प्रशासन ने खतरे को भांपते हुए इसपर से बड़े वाहनों के परिचालन पर पहले ही रोक लगा दी है। इसके बाद भी दिक्कत बनी हुई है। नए पुल निर्माण का कार्य देख रहे जेपी कंपनी के एचआर राकेश सिंह ने बताया कि पानी का पाइप फटने से कुछ हिस्सा धंसा है। रात में मरम्मत कार्य किया जाएगा। शहर के कदम चौराहे से लेकर माल्देपुर तक सड़क चौड़ीकरण का कार्य चल रहा है। इस मार्ग पर नया पुल बनाने का कार्य चल रहा है। कार्यदायी संस्था नए पुल के पूरब तरफ के पिलर बना लिया है।
पश्चिमी छोर के पिलर का निर्माण शुरू होते ही पुराने पुल का एप्रोच क्षतिग्रस्त होने लगा है। इसकी कई बार मरम्मत हो चुकी है। लेकिन लोड बढ़ते ही एप्रोच धंसने लगा, जिससे परेशानी बढ़ गई। पुल के एप्रोच मार्ग की हालत को देखते हुए रविवार से पूर्णतया भारी वाहनों के परिचालन पर रोक लगा दी गई है। पुराने पुल का एप्रोच मार्ग बार-बार धंसने से नए पुल के निर्माण कार्य की गति धीमी हो जा रही है। नए पुल निर्माण का कार्य देख रहे जेपी कंपनी के एचआर राकेश सिंह ने बताया कि पानी का पाइप फटने से कुछ हिस्सा धंसा है। रात में मरम्मत कार्य किया जाएगा।